नागपुर में एल नीनो का असर, विदर्भ में मानसून को लेकर बड़ा अपडेट, गोंदिया-गड़चिरोली में ज्यादा बारिश संभव

Nagpur Monsoon Forecast: नागपुर में एल नीनो के असर से सामान्य से कम बारिश की आशंका है। प्रशासन ने बाढ़ और अतिवृष्टि से निपटने के लिए आपातकालीन तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं।
El Niño's Impact on Nagpur: Major Update on the Monsoon in Vidarbha; Heavier Rainfall Possible in Gondia and Gadchiroli.
आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने मानसून पूर्व तैयारियों के लिए आयोजित बैठक (सोर्स: नवभारत फाईल फोटो)
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Nagpur Monsoon Heavy Rainfall Alert: नागपुर में इस वर्ष एल नीनो के कारण मानसून सीजन में 92 प्रतिशत से कम वर्षा होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, संभाग में अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण जन-धन की हानि रोकने के लिए जिला स्तर पर आपातकालीन व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने मानसून पूर्व तैयारियों के लिए आयोजित बैठक में दिए, बैठक में मनपा आयुक्त विपिन इटनकर, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, जिप सीईओ विनायक महामुनि, पुनर्वसन सह आयुक्त विजया बनकर, अतिरिक्त जिलाधिकारी प्रवीण महिरे, निवासी उपजिलाधिकारी अनूप खांडे, मौसम विभाग के वैज्ञानिक बालसुब्रमण्यम, डॉ. प्रवीण कुमार, कर्नल रविकांत तथा विभागीय कृषि सहसंचालक उमेश घाडगे उपस्थित थे।

उन्होंने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार, 10 से 15 जून के बीच मानसून के आगमन की संभावना है तथा गड़चिरोली और गोंदिया जिलों में विदर्भका सर्वाधिक वर्षों रिकॉर्ड होने की संभावना है। इस दौरान अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्राकृतिक आपदा नियंत्रण कक्ष में उपलब्ध नावों सहित अन्य सामग्री को तैयार रखने के निर्देश बिदरी ने दिए।

24 घंटे अलर्ट

उन्होंने आपदा प्रबंधन के संदर्भ में संपर्क व्यवस्था को सक्रिय रखने तथा नागरिकों को अतिवृष्टि और बाढ़ संबंधी अलर्ट की जानकारी देने के लिए नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे चालू रखने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि नागरिकों को आपदा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विभाग में चैटबॉट भी शुरू किए गए हैं। सभी जिला प्रशासन को आपदा प्रबंधन के अंतर्गत चैटबॉट प्रारंभकरने का निर्देश भी दिया। बाढ़ के लिए संवेदनशील गांवों में पर्याप्त दवाइयां, खाद्यान्न, सर्पदंश की दवाएं और सांप पकड़ने वाली टीम तैयार रखने को भी कहा गया। सिंचाई प्रकल्पों और नदियों के किनारे स्थित खतरनाक स्थानों की पहचान कर वहां दुर्घटनाएं रोकने के लिए सूचनाफलक लगाने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के निर्देश विभागीय आयुक्त ने दिए।

ड्रोन से रखी जाएगी निगरानी : इटनकर

66 मनपा आयुक्त इटनकर ने जानकारी दी कि नागपुर शहर में प्राकृतिक आपदा प्रबंधन योजना के अंतर्गत नाग नदी, पीली नदी, कोरा नदी तथा शहर के 227 नालों की जांच की गई है और गद निकालने के कार्य को प्राथमिकता दी गई है। शहर में बाढ़ के पानी की निकासी बाधित न हो, इसके लिए विशेष योजना बनाई गई है। अतिवृष्टि के दौरान शहर के निचले क्षेत्रों में निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा, बैठक में संभाग के जिलाधिकारियों, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, जलसंपदा विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन कक्ष द्वारा किए गए मानसून पूर्व प्रबंधों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।

जिले में 500 'आपदा मित्र' जिलाधिकारी आशीर्वाद

इस वर्ष मानसून जल्दी आ रहा है। जिला प्रशासन भी तैयारी में। में जुट गया है। जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने समीक्षा बैठक में अतिवृष्टि या बाढ़ जैसे हालातों से निपटने के लिए सभी विभागों को सतर्कता के साथ ही आपसी समन्वय से कार्य करने का निर्देश दिया है। जिला नियोजन भवन में आयोजित बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में 500 'आपदा मित्र' कार्यरत है।

एसजीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड तथा स्थानीय यंत्रणाओं के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर देने के निर्देश भी उन्होंने दिए, कुही तहसील के अंभोरा क्षेत्र में पानी देखने के लिए नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ रही है जहां कई बार दुर्घटनाएं होने की बात भी बैठक में सामने आई।

वहां आवश्यक कदम उठाने का निर्देश उन्होंने दिया है। आपदा संबंधी घटनाओं के बारे में अफवाहों और गलत जानकारी पर रोक लगाने के लिए नागपुर संवाद सेतु नामक वैटबॉट का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील भी उन्होंने की।

उन्होंने ने नागरिकों से 8669494944 इस नंबर का उपयोग कर अधिकृत जानकारी प्राप्त करने का आग्रह किया, बैठक में जिध सीईओ विनायक महामुनी, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के, अपर जिलाधिकारी प्रवीण महिरे, निवासी उपजिलाधिकारी अनुप खाडे, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी अंकुश गावडे तथा सभी विभाग प्रमुख उपस्थित थे, बैठक में जिले के बांधों की स्थिति, बिजली गिरने से होने वाली मौते, बाढ़ की स्थिति, स्वास्थ्य तैयारियां तथा आपदा प्रबंधन योजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

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