महाराष्ट्र के 'सुपर सीएम' हैं ये ‘हाईजैक मंत्री’, कांग्रेस के दावे से सियासी गलियारों मे मचा हड़कंप

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल मचती नजर आ रही है। कांग्रेस लगातार महायुति सरकार और केंद्र सरकार पर हमला बोल रही है और अब बड़ा दावा कर दिया है।
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल मचती नजर आ रही है। कांग्रेस लगातार महायुति सरकार और केंद्र सरकार पर हमला बोल रही है और अब बड़ा दावा कर दिया है।
हर्षवर्धन सपकाल-अमित शाह-देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur News: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने देश के गृह मंत्री अमित शाह को राज्य का ‘सुपर सीएम’ बताते हुए सरकार की जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि राज्य के किसान बाढ़-अतिवृष्टि से बर्बाद हो गए हैं। सरकार के मंत्री खेतों में जाकर सिर्फ दिखावे का जायजा ले रहे हैं। मदद की मांग पर मंत्री बोलते हैं, जेब में पैसे लेकर घूम रहा क्या। सवाल पूछने पर खुद सीएम चुप रहने को कहते हैं।

दिल्ली से खाली हाथ लौट गए लेकिन गृह मंत्री आए तो उनके स्वागत के लिए लाल गलीचा बिछाते हैं। दरअसल, देवेंद्र फडणवीस सिर्फ कुर्सी बैठे हुए सीएम हैं। असल में सुपर सीएम तो शाह ही हैं। वे नागपुर में आयोजित प्रेस परिषद में बोल रहे थे। सपकाल ने शाह को ‘हाईजैक मंत्री’ भी कहा।

इस अवसर पर शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे, चंद्रपुर सांसद प्रतिभा धानोरकर, सुरेश भोयर, दिनेश बानाबाकोडे सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि किसानों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मदद दी जाए। पंचनामा के नाम पर टाइमपास किया जा रहा है।

किसान ताक पर, सूरजागढ़ पर चर्चा

सपकाल ने कहा कि सीएम फडणवीस केन्द्र से किसानों के लिए मदद मांगने गए लेकिन खाली हाथ लौटे। उलट उन्होंने किसानों को ताक पर रखा और गड़चिरोली के सूरजागढ़ प्रकल्प पर चर्चा की। अब तक केन्द्र सरकार ने कोई मदद नहीं दी। अमित शाह राज्य में आते हैं और सुपर सीएम की तरह घूमते हैं। मंत्रिमंडल में किसे लेना है, किसे नहीं वही तय करते हैं। कांग्रेस ने राज्य में सहकार क्रांति की लेकिन सहकार क्षेत्र को हाईजैक करने के लिए पीएम मोदी ने अमित शाह को सहकार विभाग दिया है। वे सहकार क्षेत्र को हाईजैक करने निकले हैं लेकिन कांग्रेस का विश्वास क्रिएशन व सहकार्य का है। राज-उद्धव ठाकरे के साथ आने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि हम भारत जोड़ो पर विश्वास करते हैं। यहां तो दो भाई एक हो रहे हैं।

संघ विसर्जित करो, संविधान स्वीकारो

सपकाल ने आरएसएस पर हमला करते हुए कहा कि जन्म या मृत्यु का पंजीयन होता है। वाहनों का रजिस्ट्रेशन होता है लेकिन संघ ने अब तक अपने संगठन, संस्था का पंजीयन नहीं कराया। पथ संचलन में महात्मा गांधी की प्रतिमा की बजाय सावरकर की प्रतिमा के सामने बैठकर मानवंदना स्वीकार करना था।

गांधी दुनिया में आध्यात्मिक तत्वों के ज्ञाता के रूप में पहचाने जाते हैं और आरएसएस 100 वर्षों में एक हिन्दुत्व का एम्बेसडर नहीं बना पायी। उसकी पहचान फासिस्ट संगठन के रूप में है। संघ ने दुनिया भर में हिन्दुओं को बदनाम करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि संघ को अपना गैर पंजीकृत संगठन विसर्जित कर संविधान को स्वीकार कर लेना चाहिए।

युकां के कार्यकर्ता पूरी विनम्रता के साथ संघ को संविधान की प्रति देने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोका। संघ प्रमुख अगर व्यस्त थे तो किसी प्रतिनिधि को संविधान की प्रति लेने भेज सकते थे। सपकाल ने बताया कि संघ को पूरे एक वर्ष तक संविधान की प्रति देने का प्रयास हम करते रहेंगे।

स्थानीय नेता तय करेंगे गठबंधन

स्थानीय निकाय चुनाव में मविआ दलों के साथ गठबंधन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि हमने यह तय करने का अधिकार स्थानीय स्तर के नेताओं को दिया है। उनकी राय के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। ओबीसी आरक्षण के संदर्भ में कहा, कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जाति निहाय जनगणना ही पर्याय है। इसमें राजनीति की जरूरत नहीं।

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