महाराष्ट्र पुलिस का डिजिटल अवतार: AI आधारित 'MahaCrimeOS' को 2 करोड़ की मंजूरी; जांच होगी अब और भी तेज

नागपुर ग्रामीण पुलिस ने महाक्राइमओएस प्रोजेक्ट के तहत एआई का उपयोग कर अपराध जांच को तेज किया है।
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Maharashtra Police AI News: नागपुर ग्रामीण पुलिस द्वारा शुरू किया गया एआई आधारित ‘महाक्राइमओएस’ प्रोजेक्ट अब अपराध जांच की दिशा बदलने की ओर अग्रसर है। जटिल और पेचीदा मामलों की जांच अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से अधिक तेज और सटीक हो रही है।

इस प्रायोगिक परियोजना के लिए गृह विभाग ने करीब 2 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। मादक पदार्थ तस्करी, आर्थिक धोखाधड़ी, साइबर अपराध और लैंगिक अपराध जैसे गंभीर मामलों की जांच में यह प्रणाली जांच अधिकारियों को चरणबद्ध मार्गदर्शन प्रदान करती है।

यह प्लेटफॉर्म माइक्रोसॉफ्ट के क्राइमओएस पर आधारित है, जिसे महाराष्ट्र सरकार की संस्था ‘मार्वल’ ने स्थानीय जरूरतों और मराठी भाषा के अनुरूप विकसित कर ‘महाक्राइमओएस’ का रूप दिया है।

इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सत्या नडेला की उपस्थिति में किया गया था। प्लेटफॉर्म में महाराष्ट्र पुलिस की एसओपी और मुंबई उच्च न्यायालय के दिशानिर्देश भी शामिल किए गए हैं।

एफआईआर दर्ज होते ही सिस्टम जांच अधिकारी को पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन देता है। ‘कोपायलट’ फीचर के जरिए आवश्यक दस्तावेज और पत्राचार तुरंत तैयार हो जाते हैं, जिससे समय की बचत होती है और कार्यकुशलता बढ़ती है।

और मजबूत होगा महाक्राइमओएस

नागपुर ग्रामीण पुलिस के 133 अधिकारियों को इस सिस्टम का प्रशिक्षण दिया जा चुका है और अब तक 287 मामलों की जांच इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से की गई है। इस पहल को ई-गवर्नेंस कार्यक्रमों में पुरस्कार भी मिल चुके हैं। स्वीकृत 2 करोड़ रुपये से लीगल डेटाबेस का विस्तार और तकनीकी उन्नयन कर इसे और सशक्त बनाया जाएगा।

 पेचीदा मामलों में मिली सफलता

पुलिस अधीक्षक एवं ‘मार्वल’ के सीईओ हर्ष पोद्दार के अनुसार, एआई प्लेटफॉर्म से जांच में तेजी आई है और कई अहम मामलों में सफलता मिली है। एक डिजिटल धोखाधड़ी मामले में कोलकाता से आरोपी को गिरफ्तार किया गया, वहीं एक अन्य प्रकरण में सेवानिवृत्त कर्मचारी के करीब 5 लाख रुपये वापस दिलाए गए।

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