नागपुर में खूनी रंजिश: महल में गैंगवार की आग फिर भड़की, कुख्यात अपराधी पर जानलेवा हमला

Nagpur Gang Rivalry: महल क्षेत्र में गैंगवार की रंजिश के चलते एक कुख्यात अपराधी पर जानलेवा हमला किया गया। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
Bloody Feud in Nagpur: Flames of Gang War Reignite in Mahal; Deadly Attack on Notorious Criminal
गैंगवार, जानलेवा हमला, महल नागपुर,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Crime Murder Attempt: नागपुर महल के चर्चित अपराधी और ड्रग पेडलर कोठी रोड, महल निवासी सौरभ लक्ष्मीकांत घाटे (26) पर एक बार फिर से जानलेवा हमला होने से पुलिस के हाथ-पैर फूल गए हैं। बताया जाता है कि रविवार की रात विरोधी गैंग ने अपने साथी की हत्या का बदला लेने के इरादे से सौरभ पर चाकू से वार किया और फरार हो गए। सौरभ का उपचार जारी है।

इस हमले में गाड़ीखाना निवासी योगेश उर्फ काल्या गुप्ता (28), प्रथमेश उर्फ दहू मोट्या धापाड़े (20), प्रणय उर्फ पांडया वामनराव बावनकर (22) और 1 अन्य का नाम सामने आ रहा है। ज्ञात हो कि 2 सप्ताह पहले ही 17 मई की रात रंजिश और वर्चस्व के चलते प्रज्वल उर्फ गंगा काकड़े, रवि महतो और उनके साथियों ने सौरभ घाटे पर फायरिंग की थी।

पुरानी रंजिश में जानलेवा हमला, हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

14 मई 2021 को सौरभ, प्रवीण और अर्शद घाटे ने गांधी गेट के समीप जोहरीपुरा में अपने दुश्मन शहनवाज उर्फ शानू खान पर नागपुर में धारदार हथियारों से हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। शानू और योगेश करीबी मित्र थे। इस वजह से योगेश लंबे समय से घाटे बंधुओं से बदला लेने के फिराक में था। रविवार की रात 2 बजे के दौरान सौरभ अपने दोस्त रोहन मसकर, हर्षद शेख और हर्षल नाईक के साथ घर के सामने बैठा था। इसी दौरान योगेश गुप्ता, प्रथमेश, सौरभ और 1 अन्य आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। हथियारों से लैस अपराधियों को देख सौरभ के साथी गलियों में भाग निकले। हमलावरों ने सौरभ को घेर लिया। उसके पेट में चाकू घोंपकर जान से मारने की कोशिश की और फरार हो गए। दोस्तों ने सौरभ को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती किया। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की है।

घाटे बंधुओं की कई लोगों से दुश्मनी

सौरभ और उसके बड़े भाई प्रवीण घाटे की कई लोगों से दुश्मनी है। कई विरोधी उनके खून की प्यासे हैं। विशेषतौर पर ड्रग्स बेचने को लेकर दोनों की गई लोगों से ठनी हुई है। कुछ मामलों ने घाटे बंधुओं द्वारा एनडीपीएस सेल को प्रतिस्पर्धी गैंग की टिप देने की भी बात सामने आ रही है। इस वजह से विरोधी गैंग भी लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

विगत 17 मई को सौरभ के करीबी दोस्त रोहन मसकर पर खबरी होने के संदेह में संकेत भेदे और अंकुश चिवड़ा गैंग ने जानलेवा हमला किया था। उनको ड्रग्स बिक्री के मामले में पकड़ा गया था। इसी दौरान गंगा काकड़े और रवि महतो ने भी सौरभघाटे पर पिस्तौल से 2 राउंड फायर करके जान से मारने का प्रयास किया था। इससे समझा जा सकता है कि महल परिसर में लगातार गैंगवार का माहौल बना हुआ है। अब पुलिस इससे कैसे निपटती है, यह देखना होगा।

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