

Nagpur Ration Card Kerosene: नागपुर आपात स्थिति में एलपीजी के विकल्प के तौर पर केरोसिन का स्टॉक रखने की जिलाधिकारी कार्यालय के अधीन नागपुर शहर आपूर्ति विभाग की तैयारी कागजों से आगे नहीं बढ़ पाई है।
नागपुर शहर पुरवठा विभाग ने युद्धजन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मार्च में सर्वेक्षण के आधार पर 12 लाख 90 हजार 6 लीटर केरोसिन की मांग शासन के समक्ष भेजी थी लेकिन मार्च से सितंबर का मध्य बीत जाने के बावजूद इस मांग को अब तक स्वीकृति नहीं मिली है।
ऐसे में विभाग द्वारा की गई मांग और उसकी मंजूरी के बीच करीब साढ़े 5 महीने से 12।90 लाख लीटर केरोसिन शासन के पास फाइल में अटक गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर पुरवठा विभाग ने 31 मार्च 2026 को शासन को इस मांग के लिए पत्र लिखा था। इसमें उस समय मिडिल ईस्ट युद्ध की परिस्थितियों की पृष्ठभूमि को देखते हुए एलपीजी के पर्याय के रूप में स्टॉक रखने के लिए केरोसिन की मांग सर्वेक्षण के आधार पर की गई थी।
हालांकि नागपुर जिला में पात्र परिवारों को केरोसिन देना शुरू करने की मांग भी होती रही है। इन सबको ध्यान में रखते हुए विभाग ने संभावित आंकड़े जुटाकर मांग का प्रस्ताव शासन के पास भेज दिया लेकिन अब तक इसे मंजूरी नहीं मिल पाई है।
आपूर्ति विभाग ने सरकार के पास मांग करने से पहले इसके लिए बाकायदा एक सर्वे किया था। विभाग के सर्वेक्षण में नागपुर शहर के 46, 150 अंत्योदय और 3,83,852 प्राधान्य राशन कार्ड शामिल किये गए।
दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 4,30,002 काड़ों के आधार पर केरोसिन की मांग निर्धारित की गई। इन आंकड़ों के अनुसार कुल 12,90,006 लीटर केरोसिन की आवश्यकता की गई मांग विभाग द्वारा दर्शाई गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विभाग अंतर्गत 'फ' जोन के लिए सर्वाधिक 2,65,032 लीटर केरोसिन की मांग की गई है। इसके बाद 'क' जोन में 2,62,494 लीटर, 'ड' जोन में 2,39,241 लीटर और 'ब' जोन में 2,32,512 लीटर केरोसिन की मांग शासन से की गई है। वहीं 'इ' जोन के लिए 1,57,239 लीटर तथा 'अ' जोन के लिए 1,33,488 लीटर की मांग दर्ज है।