हाई कोर्ट के आदेश पर ट्रांसफर तो हुआ, पर फंड पर लगा 'ब्रेक'; काटोल संतरा प्रकल्प को अब भी 15 करोड़ का इंतजार!

Nagpur Orange Project: काटोल संतरा प्रोसेस यूनिट को MAIDC को सौंपे एक वर्ष होने के बावजूद 15 करोड़ रुपये की निधि मंजूर नहीं हुई। सलिल देशमुख ने सरकार पर परियोजना के पुनर्जीवन में देरी का आरोप लगाया।
The transfer took place following a High Court order, but the flow of funds hit a 'roadblock'; the Katol orange project is still awaiting ₹15 crore!
काटोल, एमएआईडीसी, निधि, सलिल देशमुख,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Orange Processing Unit: नागपुर जिले के काटोल स्थित संतरा प्रोसेस यूनिट को महाराष्ट्र एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को हस्तांतरित करने का आदेश बॉम्बे हाई कोर्ट की मुंबई खंडपीठ ने 1 जुलाई 2025 को दिया था। इसके अनुसार 14 जुलाई 2025 को यह परियोजना औपचारिक रूप से एमएआईडीसी को सौंप दी गई।

संतरा प्रकल्प के पुनर्जीवन के लिए 15 करोड़ की निधि अब भी लंबित

इसके बाद निगम ने परियोजना को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य सरकार से पहले चरण में 15 करोड़ रुपये की निधि की मांग की लेकिन अब तक निधि नहीं दी गई, राकां नेता सलिल देशमुख ने बताया कि उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और कृषि सचिव से मुलाकात कर निधि मंजूर करने का अनुरोध किया लेकिन अब तक सरकार ने इस राशि को स्वीकृति नहीं दी। वे प्रेस परिषद में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख व खुद उन्होंने इस संतरा प्रकल्प के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी।

2 चरणों में प्रस्तावित है प्रकल्प

इस प्रकल्प का कार्य 2 चरणों में प्रस्तावित है। पहले चरण में संतरे की ग्रेडिंग और पैकिंग शुरू की जाएगी। दूसरे चरण में संतरा, मौसंबी तथा अन्य कृषि उपज और हरी पत्तेदार सब्जियों के प्रसंस्करण की व्यवस्था विकसित की जाएगी, प्रकल्प जल्द शुरू होता है, तो विदर्भ के संतरा और मौसंबी उत्पादक किसानों सहित अन्य किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।

स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि वे स्वयं कृषि मंत्री और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार पत्राचार कर रहे हैं तथा व्यक्तिगत रूप से मुलाकात भी कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि यह निधि शीघ्र मंजूर हो जाती है, तो प्रकल्प का कार्य तुरंत शुरू किया जा सकेगा।

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