पत्नी का टिकट पति को नहीं मांगनी चाहिए, भाजपा स्नेह सम्मेलन में गडकरी ने ली चुटकी

Nitin Gadkari
नितिन गडकरी (फाइल फोटो)
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नागपुर. केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हमारी पार्टी पिता-पुत्रों की पार्टी नहीं है इसका मुझे गर्व है. मैं एक आम कार्यकर्ता था और मेरी हैंडराइटिंग अच्छी नहीं थी इसलिए दीवारों पर नारे लिखने की बजाय सफेद पुताई का काम ही करता था. दीवारों की पुताई करने वाले कार्यकर्ता को इस पार्टी का अध्यक्ष बनने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि भाजपा में पीएम के पेट से पीएम, सीएम के पेट से सीएम या मंत्री के पेट से मंत्री पैदा नहीं होता. हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है. इसके मालिक आप हैं.

गडकरी उत्तर नागपुर भाजपा स्नेह सम्मेलन में मार्गदर्शन कर रहे थे. इस दौरान उत्तर नागपुर अध्यक्ष संजय चौधरी, गिरीश व्यास, मिलिंद माने, विक्की कुकरेजा, घनश्याम कुकरेजा आदि मंचासीन थे. गडकरी ने कहा कि किसी का बेटा या पति होना गुनाह नहीं है लेकिन पत्नी का टिकट पति को या बेटे का टिकट पिता को नहीं मांगना चाहिए. लेकिन अगर जनता ने मांग की कि इनके बेटे को टिकट दो तो जरूर विचार करेंगे मगर आजकल ऐसा होता नहीं हैं. यह हमारी पार्टी की परंपरा नहीं है. कांग्रेस का अध्यक्ष एक ही परिवार से होता है. पहली बार अध्यक्ष परिवार के बाहर का है.

बदली उत्तर नागपुर की सूरत

गडकरी ने कहा कि मैंने जो कार्य किया वो सबके सामने है. जब मैं मंत्री था तो रिंग रोड, पानी की टंकियां, सीमेन्ट रोड और ब्रिज बनवाए. अब तो उत्तर नागपुर की शक्ल बदल गई है. आउटर रिंग बन रहा है जो 3 माह में कम्पलीट हो जाएगी. कामठी रोड पर मेट्रो आई है. फोरलेयर ब्रिज बना है. उत्तर नागपुर से दक्षिण नागपुर के उमरेड रोड तक ओवरब्रिज बनाया जा रहा है. जबसे हमारी सरकार आई है 24x7 जलापूर्ति पर कार्य चल रहा है. यह सपना पूरा होने की कगार पर है. रोड बनने से जरीपटका का व्यापार बढ़ा है. सब्जी व मटन मार्केट अच्छा बनाना है. उन्होंने वर्तमान विधायक पर चुटकी लेते हुए कहा कि यहां कोई भी काम होता है तो विधायक कहते हैं कि मैंने किया, मैंने इसका पत्र दिया था. गडकरी ने कहा कि बाबासाहब आंबेडकर कन्वेंशन सेंटर, ड्रैगन पैलेस, ट्रैफिक ऑफिस, दीक्षाभूमि के कार्य के लिए निधि देकर कार्य कम्पलीट करवाया. 

सबके पास समस्या

उन्होंने कहा कि समस्या गरीबों व गाड़ी-बंगले वालों को भी होती है. लेकिन सभी को घर, भोजन, स्कूल, स्वास्थ सेवाएं, मूलभूत सुविधाएं अच्छी मिलनी चाहिए. रोजगार मिलना चाहिए यही प्रयास है. उत्तर नागपुर में सिकलसेल और थैलेसेमिया के 1 लाख मरीज हैं. यह दलित समाज में अधिक हैं. इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं. सस्ती व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ सेवा उपलब्ध करने के लिए काम करेंगे. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे.