हिंगना रोड पर जानलेवा गड्ढों की भरमार

Ganeshpeth Road Potholes
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नागपुर. एक ओर जहां हिंगना रोड पर मेट्रो को दौड़ाने की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क की हालत दयनीय हो गई है. वाड़ी रोड टर्निंग से लेकर आईसी चौक तक सड़क के दोनों ओर दर्जनों गड्ढे होने से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है. गड्ढे भी इतने जानलेवा है कि हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है. मार्ग पर स्कूल-कॉलेज और उद्योगों की भरमार होने के बाद भी प्रशासन द्वारा सड़क की दुरुस्ती को लेकर उदासीनता बरती जा रही है. 

हिंगना टी पाइंट से लेकर पेट्रोल पंप तक सीमेंटीकरण का कार्य चल रहा है. लेकिन जहां से डामर रोड लगता है वहां से हालत बेहद गंभीर हो गई है. यह स्थिति वानाडोंगरी की टेकड़ी तक बनी हुई है. ट्रैक्टर कंपनी चौक के पास दोनों ओर गड्ढे  हो गये हैं. वहीं कुछ जगह तो पूरी सड़क ही कट गई है. यदि कोई भारी वाहन गुजरे तो गड्ढों  की वजह से कलपुर्जों की आवाज शोर मचाती है. वहीं धूल की वजह से आसपास से रहवासी सहित दूकानदार भी परेशान हो गये हैं. इस मार्ग पर मेट्रो का काम लगभग पूरा हो गया है. यानी ऊपर से मेट्रो गुजरेगी और नीचे लोग गड्ढों से हिचकोले खाते हुए निकलेगे.

चौबीसों घंटे वाहनों की बनी रहती है आवाजाही 

इस मार्ग पर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल के साथ ही विविध कंपनियां भी हैं. यही वजह है कि चौबीसों घंटे वाहनों का आवागमन रहता है. कंपनियों में आने वाले भारी वाहनों की संख्या शाम के बाद बढ़ जाती है. वहीं सुबह होते ही कंपनियों में जाने वाले कर्मचारियों के साथ ही स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों की भीड़ रहती है. यदि सामने कोई स्टार बस गुजरे तो फिर पीछे वाहनों की कतार लग जाती है, क्योंकि गड्ढों की वजह से बस की रफ्तार धीमी हो जाती है. परिसर के नागरिकों ने बताया कि पिछले अनेक दिनों से गड्ढों  की समस्या बनी हुई है. कभी-कभार लीपापोती है लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति जस की तस हो जाती है. 

पिल्लर से कुछ हिस्सा धंसने लगा

जिन जगह पर मेट्रो के पिल्लर बने हैं, सड़क के उन हिस्सों में गड्ढे  ज्यादा हो गये हैं. लोगों का कहना है कि पिल्लर की वजह से उतना हिस्सा धस गया है. दुरुस्ती करने के कुछ दिन बाद फिर से जगह धंस जाती है. इस समस्या को गंभीरता से लेने की जरूरत है. गड्ढों की वजह से इस मार्ग पर अब तक कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी है. इसके बाद भी प्रशासन द्वारा गंभीरता नहीं बरती जाती. मेट्रो स्टेशन के पास से ही लता मंगेशकर मेडिकल कॉलेज  के लिए टर्न होना पड़ता है. इस चौक पर हमेशा ट्रैफिक पुलिस की तैनाती अनिवार्य है, क्योंकि ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बनी रहती है. सुबह और शाम के वक्त तो अक्सर वाहन चालकों को कसरत करना पड़ता है. 

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