नागपुर: गुलशन नगर में 25 साल से विकास ठप, पशुओं का तबेला बना एनआईटी उद्यान और जर्जर हुई ग्रीन जिम

नागपुर के गुलशननगर में 25 वर्षों से विकास कार्य ठप, नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं की कमी।
nagpur-43
Published on
Updated on

 Gulshan Nagar Nagpur News: “नाम बड़े और दर्शन छोटे” की कहावत गुलशन नगर पर सटीक बैठती नजर आ रही है। प्रभाग क्रमांक 4 के इस इलाके में पिछले 25 वर्षों से विकास कार्य ठप पड़े हैं। नाम भले ही गुलशननगर हो, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।

आशीनगर जोन के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में आज भी न पक्की सड़क है, न नियमित सफाई और न ही अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे वर्षों से बदहाल स्थिति में जीवन जीने को मजबूर हैं।

कच्ची सड़कों के कारण बारिश में कीचड़ और जलभराव की समस्या विकराल रूप ले लेती है, जबकि गर्मियों में उड़ती धूल से लोगों का जीना मुश्किल हो जाता है। साफ-सफाई के अभाव में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।

नागरिकों ने बताया कि नियमित कर भुगतान के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया है। चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हैं, कुछ काम शुरू भी होते हैं, लेकिन बाद में अधूरे ही छोड़ दिए जाते हैं। इससे क्षेत्र में आक्रोश और निराशा दोनों बढ़ रही है।

इलाके के एकमात्र मंदिर की स्थिति भी जर्जर हो चुकी है। रखरखाव के अभाव में मंदिर परिसर बदहाल है, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 उद्यान बना तबेला, ग्रीन जिम बदहाल

गुलशननगर में एनआईटी द्वारा विकसित एकमात्र उद्यान, जिसे तत्कालीन नगरसेविका निरंजना महेश पाटिल की वार्ड निधि से बनाया गया था, आज उपेक्षा का शिकार है। कभी यहां नागरिकों की अच्छी आवाजाही रहती थी और ग्रीन जिम भी आकर्षण का केंद्र था, लेकिन रखरखाव के अभाव में स्थिति बिगड़ गई है।

वर्तमान में यह उद्यान पालतू पशुओं का तबेला बन चुका है, जहां दिनभर गायों का जमावड़ा लगा रहता है। ग्रीन जिम के उपकरण भी जर्जर हो चुके हैं और उपयोग के लायक नहीं बचे हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com