

Festival Season Grocery Rates Nagpur: नागपुर जिले में त्योहारी सीजन से पहले महंगाई ने आम परिवारों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। पिछले करीब 2 माह में दाल, मसाले, तेल, चावल और मेवा समेत रोजमर्रा की जरूरत के सामान के दाम में तेजी आई है।
कई खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 15 से 25 प्रश तक बढ़ोतरी हुई है। बाजार में तुअर दाल की कीमत 110 से बढ़कर 140 रुपये प्रति प्रति किलो हो गई है। उड़द दाल 120 से बढ़कर 140 रुपये और मूंग दाल 95 से बढ़कर 110 से 115 रुपये प्रति किलो बिक रही है।
मसालों में भी तेजी देखने को मिल रही है। हल्दी 290 से बढ़कर 320 और धनिया 150 से बढ़कर 220 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। चावल के दाम भी 70 से 75 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। सोयाबीन तेल 170 रुपये प्रति किलो पर जमा हआ है।
नागपुर जिले में त्योहारी सीजन से पहले मेवा की कीमतों में भी तेजी आई है। काजू 850 से बढ़कर करीब 900 से 1,050 रुपये प्रति किलो, बादाम 300 रुपये के उछाल के साथ 1,200 रुपये और पिस्ता 1,400 से बढ़कर करीब 1,800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। किशमिश 450 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। इसी तरह अखरोट, मखाना, खजूर, अंजीर की कीमतों में उछाल आया है।
वाधवानी के अनुसार नेपाल में बाढ़ के कारण इलायची के भाव 2 महीने में 3600 से बढ़कर 4,700 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गये हैं। इसके अलावा लौंग भी 150 रुपये महंगी होकर 950 रुपये प्रति किलो पर चल रही है।
नागपुर जिले में रसोई के सामान के साथ रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कॉस्मेटिक उत्पादों के दाम भी बढ़े हैं। दुकानदारों के अनुसार 240 रुपये में मिलने वाली शैम्पू की बोतल अब करीब 390 रुपये में बिक रही है।
हेयर ऑयल के दाम में भी करीब 15 फीसदी तक बढ़ोतरी बताई जा रही है। 40 रुपये वाली तेल की बोतल अब करीब 60 रुपये में मिल रही है।
हर एक चीजों की कीमतें बढ़ने से घर का खर्च चलना मुश्किल हो गया है। दाल, चावल, तेल से लेकर मसाले तक महंगे हो गये हैं। अन्य खर्चों में कटौती करना पड़ रहा है। किराने का बजट पहले की तुलना में काफी अधिक बढ़ गया है।
कंचन जोशी, गृहणी
दिन प्रतिदिन महंगाई इस कदर बढ़ती जा रही है कि रसोई का पूरा बजट ही बिगड़ गया है। हर चीज के दाम आसमान छू रहे हैं। अनाज से लेकर गैस सिलेंडर की कीमतों में आग लग चुकी है। रोजमर्रा ही हर चीज महंगाई हो गई है, चाह वह तेल हो या शैम्पू, हर चीज के लिए ज्यादा पैसे गिनने पड़ रहे हैं।
-शैलजा उपाध्याय, गृहणी