बेसा सरकारी छात्रावास मामला: नागपुर में MBA छात्रा को मिली राहत, निष्कासन आदेश पर रोक

Nagpur Hostel Row: नौकरी का आरोप लगाकर छात्रा को छात्रावास से निकालने के आदेश पर रोक लगा दी गई। समाज कल्याण विभाग के हस्तक्षेप के बाद छात्रा को फिलहाल हॉस्टल में रहने की अनुमति मिली।
Besa Government Hostel Case: Relief for MBA Student in Nagpur; Stay on Expulsion Order
नागपुर छात्रावास विवाद,(सोर्स: सौजन्य AI)
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Nagpur Social Welfare Department: नागपुर नौकरी करने का आरोप लगाकर एक छात्रा को सरकारी छात्रावास से बाहर निकालने के आदेश पर समाज कल्याण विभाग ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है, बेसा स्थित क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले शासकीय वसतीगृह से जुड़े इस मामले में पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और समाज कल्याण विभाग ने हस्तक्षेप किया जिसके बाद छात्रा को फिलहाल छात्रावास में रहने की अनुमति दे दी गई है, साथ ही मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और वार्डन पर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया है। यह मामला अमरावती जिले की छात्रा आकांक्षा प्रकाश उके से जुड़ा है जो नागपुर के बेसा स्थित सरकारी छात्रावास में रहकर एमबीए की पढ़ाई कर रही है।

पिछले वर्ष अगस्त में उसे छात्रावास में प्रवेश मिला था। छात्रा का आरोप है कि उसने भीषण गर्मी के दौरान छात्रावास में कूलर जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से शिकायत की थी। इसके बाद प्रशासन ने नाराज होकर उसे परेशान करना शुरू किया और अंततः छात्रावास खाली करने की नोटिस थमा दी।

पालक मंत्री ने फोन कर दिलाया भरोसा

नोटिस में कहा गया था कि छात्रा टाटा कंसल्टेंसी सर्विस में नौकरी कर रही है, जबकि आकांक्षा का कहना है कि वह कॉलेज के निर्देशानुसार बीपीओ ट्रेनी के रूप में केवल इंटनीशय कर रही है। मामला सार्वजनिक होने के बाद समाज कल्याण विभाग की उपायुक्त सुकेषानी तेलगोटे ने छात्रा और छात्रावास वार्डन को बुलाकर सुनवाई की। अगले महीने छात्रा की परीक्षा है, इसलिए विभाग ने छात्रावास से निष्कासन का आदेश रद्द करते हुए अगले आदेश तक उसे वहीं रहने की अनुमति दे दी।

मामला सामने आने के बाद पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को स्वयं छात्रा से फोन पर बातचीत कर उसे भरोसा दिलाया, उन्होंने कहा, हॉस्टल छोड़ने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार तुम्हारे साथ है। कोई भी समस्या हो तो सीधे मुझे फोन कर सकती ही। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए समाज कल्याण मंत्री से चर्चा कर संबंधित अधिकारियों और वार्डन पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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