

Nagpur Medical College Paracetamol Ban: नागपुर शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल तथा सुपर स्पेशालिटी अस्पताल में मरीजों के लिए वितरित की जा रही करीब 50 हजार पैरासिटामॉल 500 एमजी टैबलेट का इस्तेमाल तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। क्युरेजा हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित पैरासिटामॉल के दो बैच को लेकर शिकायत प्राप्त होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
संबंधित दवा को औषधालय तथा विभिन्न विभागों से वापस मंगाकर मेडिकल स्टोर में जमा कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। मेडिकल कॉलेज के मेडिकल स्टोर प्रभारी की ओर से जारी पत्र में पैरासिटामॉल के बैच नंबर CHPLT486 और CHPLT487 का इस्तेमाल तत्काल प्रभाव से बंद करने को कहा गया है। इन दोनों बैचों का निर्माण जुलाई 2025 में हुआ है और इनकी एक्सपायरी जून 2027 निर्धारित है।
नागपुर शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल के सभी संबंधित विभागों और वार्डों को निर्देश दिया गया है कि उक्त दोनों बैच की पैरासिटामॉल दवाएं तत्काल अलग कर मेडिकल स्टोर में वापस जमा कराएं, इसके लिए 24 घंटे की समय-सीमा दी गई है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि के बाद यदि किसी विभाग या वार्ड में इस बैच की दवा पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
अस्पताल प्रशासन ने दवा वापस करते समय प्रत्येक वार्ड की प्रभारी सिस्टर से प्रमाणपत्र भी लेने के निर्देश दिए हैं। इसमें यह प्रमाणित करना होगा कि संबंधित बैच की दवा वार्ड में उपलब्ध नहीं है अथवा उपलब्ध स्टॉक वापस जमा करा दिया गया है।
बताया जा रहा है कि पैरासिटामॉल की करीब 50 हजार टैबलेट मरीजों को वितरित करने के लिए अस्पताल के औषधालय तथा विभिन्न विभागों में भेजी गई थीं। अब रोक लगाने के बाद इन सभी दवाओं को वापस मेडिकल स्टोर में जमा कराया जाएगा, इसके चलते अस्पताल के विभिन्न चाडौँ, ओपीडी तथा अन्य मरीज सेवा क्षेत्रों में मौजूद स्टॉक की जांच भी की जा रही है।
क्युरेजा हेल्थकेयर द्वारा निर्मित दवाओं को लेकर इससे पहले भी गुणवत्ता संबंधी मामले सामने आ चुके हैं। महाराष्ट्र एफडीए के सार्वजनिक नाट आफ स्टैंडर्ड क्वालिटी (एसएसक्यू) अलर्ट में पैरासेव 500 का बैच CHPLT115 दर्ज है।
इस नमूने को डिसक्रिप्शन परीक्षण में मानक के अनुरूप नहीं पाया गया था। इससे पहले अप्रैल 2025 के राज्य प्रयोगशाला अलर्ट में इसी कंपनी की पैरासिटामॉल टैबलेट का बैच CHT23725 भी गुणवत्ता परीक्षण में विफल पाया गया था।
महाराष्ट्र के एफडीए लैब, छत्रपति संभाजीनगर में जांचे गए नमूने में टैबलेट की सतह पर असमान हल्के भूरे रंग के धब्बे पाए गए थे और नमूना डिसक्रिप्शन के मानक पर खरा नहीं उतरा था। इतना ही नहीं, नवंबर 2023 के सीडीएससीओ ड्रग अलर्ट में इसी निर्माता की टेलमिसार्टन 40 एमजी दवा का एक बैच CHT22352 भी डिसाल्यूशन परीक्षण में मानक के अनुरूप नहीं पाया गया था।