गोधनी गैस लीक हादसा: 900 kg के क्लोरीन सिलेंडर से रिसाव के बाद पूरे ले-आउट में फैली जहरीली गैस, जानिए पूरी खबर

Nagpur Chlorine Gas Leak: नागपुर के गोधनी में जल संशोधन केंद्र के 900 किलो के क्लोरीन गैस सिलेंडर से रिसाव के बाद फागोजी ले-आउट में दहशत फैल गई। सैकड़ों लोगों ने सड़क पर रात गुजारी।
People remained in a state of panic all night due to a chlorine cylinder leak
क्लोरीन सिलेंडर लीक होने से पूरी रात दहशत में रहे लोगफोटो सोर्स- नवभारत
Published on
Updated on

Nagpur Chlorine Gas Leak Incident: नागपुर गोधनी नगर पंचायत के फागोजी ले-आउट स्थित जल संशोधन केंद्र में रविवार की रात 900 किलोग्राम के क्लोरीन गैस सिलेंडर से हुए रिसाव ने पूरे इलाके में तबाही जैसी दहशत फैला दी। जान बचाने के लिए सैकड़ों लोग अपने घरों में ताले लगाकर सड़कों पर निकल आए और पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारने को मजबूर हुए।

रात लगभग 12:10 बजे के बाद जहरीली गैस का रिसाव शुरू हुआ। कुछ ही मिनटों में गैस जल संशोधन केंद्र से सटे फागोजी ले-आउट में फैल गई जहां करीब 200 लोग निवास करते हैं। हवा में तीखी गंध और धुएं जैसा माहौल बनते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

19 वर्षीय युवक की हालत गंभीर

नागपुर गोधनी में क्लोरीन गैस रिसाव में घायल हुए 16 लोगों को इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल में रेफर किया गया। सभी का उपचार चल रहा है। फिलहाल हालत स्थिर बनी हुई थी। अधिष्ठाता डॉ. रवि चव्हाण ने बताया कि घायलों में 9 पुरुष, 5 महिला और 2 बच्चों का समावेश है। इनमें से 3 लोगों को आईसीयू में भर्ती किया गया।

एक 19 वर्षीय युवक को उसके परिजन प्राइवेट अस्पताल लेकर गये। इस संबंध में किम्स किंग्स वे अस्पताल की ओर से बताया गया कि 19 वर्षीय युवक को भर्ती किया गया। उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है।

मरीज की गंभीर श्वसन स्थिति को देखते हुए उसे लगातार निगरानी में रखा गया है और उन्नत क्रिटिकल केयर उपचार दिया जा रहा है। वेंटिलेटरी सपोर्ट के साथ ही हेमोडायनामिक मॉनिटरिंग भी की जा रही है। एक बहु-विषयक क्रिटिकल केयर टीम मरीज की श्वसन स्थिति, उपचार के प्रति प्रतिक्रिया और समग्र स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है। उपचार कर रही टीम में डॉ. राजन बारोकर, वरिष्ठ क्रिटिकल केयर फिजिशियन, डॉ. वीरेंद्र बेलेकर, वरिष्ठ क्रिटिकल केयर फिजिशियन का समावेश है।

Many trees and plants in the vicinity withered due to the gas leak
गैस के रिसाव से आसपास के कई पेड़-पौधे सूख गएफोटो सोर्स- नवभारत

पेड़-पौधे सूखे

गैस के रिसाव से आसपास के कई पेड़-पौधे सूख गए। घरों में रखे गमले भी पूरी तरह से मुरझा गए। लोगों ने जब यह देखा तो उनमें दहशत और फैल गई। गार्डन में भी गैस रिसाव का असर देखने को मिला।

'आंखों में जलन और सांस घुटने लगी'

रात साढ़े 12 बजे बेटे को क्लोरीन की गंध आई। उसकी आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और उल्टी की शिकायत हुई उसने सभी को उठाया, बाहर चीख-पुकार मची थी। हमने तुरंत दरवाजे खिड़कियां बंद की और घर में ताला लगाकर सुरक्षित जगह भागे, नातेदार न होने से नाती के साथ पूरी रात सड़क पर गुजारनी पड़ी। मुझे पहले से किडनी की बीमारी है, सांस फूलने से दम घुट रहा था। दोपहर स्थिति सामान्य होने पर घर लौटे, पर तकलीफ अब भी बनी हुई है।

- सुरती भट (स्थानीय निवासी)

रात डेढ़ बजे आंखों में तीखी मिर्च जैसी जलन और सांस लेने में दिक्कत होने पर हम सभी गोचनी रोड की तरफ भागे। 2-3 घंटे सड़क पर गुजारने के बाद सुबह साढ़े 4 बजे घर लौटे। यह रात हमारे लिए किसी खौफनाक सपने जैसी थी।

- सरस्वती सरोदे (स्थानीय निवासी)

People remained in a state of panic all night due to a chlorine cylinder leak
भोपाल गैस त्रासदी के 41 साल बाद यूनियन कार्बाइड का होगा कायाकल्प, लगेंगे 1.5 लाख पेड़; बनेगा मिनी फॉरेस्ट

स्थानीय युवाओं का साहस आया काम

घटना के तुरंत बाद स्थानीय युवाओं सुरेश सूर्यवंशी, आकाश कोलते, कार्तिक लक्षणे, गौरव लक्षणे, महेश यादव और स्वराज येलेकर ने मिसाल पेश की। उन्होंने अपनी गाड़ियों से सोए हुए लोगों को जगाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाया। युवाओं ने लोगों को ढांढस बंधाया कि घर-सामान की चिंता छोड़ो, पहले जान बचाओ,

भोपाल गैस त्रासदी की यादें ताजा

इस घटना ने स्थानीय लोगों को दशकों पुरानी भोपाल गैस त्रासदी की याद दिला दी। हालांकि गोधनी में रिसाव की तीव्रता कम थी और समय रहते पानी का छिड़काव किए जाने व बारिश होने के कारण गैस का प्रभाव तेजी से फैलने से रुक गया।

Critically ill patients were taken to the hospital
गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचायाफोटो सोर्स- नवभारत

जिले के गोधनी स्थित 'महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण' (एमजेपी) के जल संशोधन केंद्र में हुए क्लोरीन गैस रिसाव मामले में जिला प्रशासन ने तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने सोमवार को दुर्घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और 900 किलोग्राम वजन वाले भारी क्लोरीन सिलेंडर को पूरी तरह सील बंद कमरे के बजाय खुले में रखे जाने पर गंभीर सवाल खड़े किए।

जिलाधिकारी ने बताया कि 6 सदस्यीय जांच समिति 3 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी जिससे रिसाव के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके और लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय की जा सके। जिलाधिकारी के अनुसार यह हादसा मध्य रात्रि लगभग 12।10 बजे हुआ। जल शोधन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 900 किलो के 2 सिलेंडरों में से एक रिजर्व सिलेंडर से गैस का रिसाव शुरू हुआ। रिसाव का कारण कोई तकनीकी खराबी या सिलेंडर में जंग लगना हो सकता है जिसकी पुष्टि जांच समिति करेगी।

सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन

जिलाधिकारी ने कहा कि जहरीली या खतरनाक गैस के सिलेंडरों को पूरी तरह से बंद और सील कमरे में रखा जाना चाहिए, ताकि यदि कभी रिसाव हो भी तो गैस उसी कमरे तक सीमित रहे और आसपास के रिहाइशी इलाकों में न फैले लेकिन यहां सिलेंडर खुले वातावरण में रखा गया था।

इलाके में फैली गैस गैस रिसाव के कारण आसपास के घरों में हुए जैसा माहौल बन गया जिससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई और वे घबराकर घरों से बाहर निकल आए।

NDRF और पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीएम और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं, बर्फ के पानी और कास्टिक सोडा का उपयोग करके रिसाव पर काबू पाया गया।

The SDM and NDRF teams reached the spot
एसडीएम और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचींफोटो सोर्स- नवभारत
People remained in a state of panic all night due to a chlorine cylinder leak
नागपुर से उखड़ेगा अवैध कब्जों का जाल! आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर का आदेश- पूरे जिले में शुरू हो अतिक्रमण सर्वे

निकाला सुरक्षित, भेजा अस्पताल

प्रभावित इलाके से लगभग 60 से 70 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से 8 मरीज आईसीयू में भर्ती है। हालाकि नॉन-इन्वेसिव वैटिलेशन पर उनकी ऑक्सीजन सैचुरेशन स्थिति (97-98%) स्थिर है।

अगले 2-3 दिनों तक उनकी कड़ी निगरानी की जाएगी। एनडीआरएफ ने सुबह 9 बजे के करीब क्षेत्र को सुरक्षित घोषित कर दिया लेकिन एहतियात के तौर पर नागरिकों को शाम तक अपने घरों से दूर रहने की सलाह दी गई। इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने पूरे नागपुर जिले में सुरक्षा समीक्षा का दायरा बढ़ा दिया है।

16 people injured in chlorine gas leak in Godhani, Nagpur
नागपुर गोधनी में क्लोरीन गैस रिसाव में घायल हुए 16 लोगफोटो सोर्स- नवभारत

2 दिनों में निरीक्षण

जिले के उन सभी जल संशोधन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों का अगले 2 दिनों में निरीक्षण किया जाएगा जहां खतरनाक गैसें या रसायन संग्रहित किए जाते हैं। सभी संबंधित अधिकारियों और बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे सिलेंडरों के सुरक्षित भंडारण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

CM को दी जानकारी

जिलाधिकारी ने इस घटना के संबंध में मुख्यमंत्री से भी बात की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई लापरवाही सामने आती है तो 100% निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com