

Nagpur Health Summer Diseases: नागपुर सिटी में एक ओर जहां भीषण गर्मी के कारण जनता त्रस्त है वहीं दूस्स्सरी ओर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मनपा के चिकित्सा विभाग की अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार शहर में दूषित पानी और भोजन से होने चाली बीमारियों ने फिर से सिर उठा लिया है। अकेले अप्रैल महीने में गैस्ट्रो के 55 और डायरिया व डिसेंट्री के 28 नए मरीज सामने आए हैं। जनवरी से लेकर अप्रैल 2026 तक इन 4 महीनों के दौरान गैस्ट्रो के मरीजों की कुल संख्या 137 तक पहुंच गई है, जबकि डायरिया के 56 मामले दर्ज किए गए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों में पानी की किल्लत, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थी और दूषित पानी के सेवन के कारण गैस्ट्रो और डायरिया का प्रकोप बढ़ा है। राहत की बात यह है कि अप्रैल में कॉलरा और पीलिया का कोई मरीज नहीं मिला, जबकि टाइफाइड का केवल एक मामला सामने आया है। मनपा की रिपोर्ट में सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि हैजा, डायरिया, गैस्ट्रो, टाइफाइड और वायरल हेपेटाइटिस (ए। जैसी बीमारियों के कारण अप्रैल महीने में एक भी मौत नहीं हुई है। जनवरी से अप्रैल 2026 तक की अवधि के दौरान भी मृत्यु दर शून्य ही रही है।
मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्री (यूपीएचसी) में ओआरएस और आवश्यक दवाओं का स्टॉक बढ़ा दिया है। मरीज समय पर इलाज के लिए आ रहे है जिसकी वजह से गंभीर परिणाम और मौतों को टाला जा सका है। मरीजों की बढ़ती संख्या को नियंत्रण में लाने के लिए जलापूर्ति विभाग को क्लोरीनेशन प्रक्रिया बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। - मनपा, अधिकारी, महामारी रोग, डॉ. गोवर्धन नवखरे
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मनपा का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। शहर के सभी जीनों में क्लोरीनेशन (पानी के शुद्धिकरण) और पानी के नमूनों की जांच के अभियान को तेज कर दिया गया है। इसके साथ ही 'जल-जागृति' अभियान भी चलाया जा रहा है।