पर्यटन विभाग का महानिदेशक बताकर की ठगी, ठग अनिरुद्ध होशिंग ने कई लोगों को लगाया चूना

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नागपुर. खुद को केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय का महानिदेशक बताकर एक ठग ने कई लोगों को चूना लगाया. इको टूरिज्म सहित अन्य स्कीम के नाम पर लोगों से लाखों रुपये लिए और फरार हो गया. आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने प्राथमिक जांच के बाद आरोपी ब्रम्हघाट, वाराणसी निवासी अनिरुद्ध आनंदकुमार होशिंग के खिलाफ धोखाधड़ी और एमपीआईडी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.

जयताला निवासी सुनील वसंतराव कुहीकर की शिकायत पर राणाप्रतापनगर थाने में मामला दर्ज किया. अक्टूबर 2021 में कुहीकर का परिचय होशिंग से हुआ था. उसने खुद को पर्यटन मंत्रालय का महानिदेशक बताया. केंद्र और उत्तर प्रदेश के बड़े नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें बताईं.

कुछ सेलिब्रिटी के साथ भी उसकी तस्वीरें थीं. सरकार के नाम पर उसने बोगस मैग्जीन भी छाप रखी थी. लोगों को बताया कि उनका पैसा पर्यटन मंत्रालय के अधीन चलने वाली स्कीम में निवेश किया जाएगा. इसमें उन्हें भारी मुनाफा होगा. कुहीकर समेत 5 लोग उसके झांसे में आ गए और समय-समय पर होशिंग को 48.85 लाख रुपये दिए. लोगों का पैसा लेने के बाद होशिंग अचानक गायब हो गया. पीड़ितों ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उसका फोन नंबर बंद हो गया था. आखिर परेशान होकर पुलिस से शिकायत की.

प्राथमिक जांच में वह ठग होने की बात सामने आई है. होशिंग के खिलाफ और भी मामले दर्ज हो चुके हैं. उसने पर्यटन मंत्रालय के नाम पर अपना ट्विटर अकाउंट भी बना रखा था. हाल ही में हुए जी20 समिट में भी उसने विदेश से आए मेहमानों के साथ फोटो अपलोड की थी.

जानकारी मिली है कि अपनी ठगी का धंधा बढ़ाने के लिए होशिंग पांचसितारा होटलों में सेमिनार भी लेता था. डीसीपी अर्चित चांडक ने बताया कि फिलहाल 5 पीड़ित सामने आए हैं. मामला दर्ज होने की जानकारी मिलने पर और भी लोग पुलिस से शिकायत कर सकते हैं. पुलिस होशिंग की तलाश में जुट गई है.