

Nagpur Monitor Lizard Poaching: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के पवनी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत मौजा सावंगी में वन विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मॉनिटर लिजर्ड के शिकार का खुलासा किया है। टीम ने आरक्षित वन क्षेत्र में कथित रूप से दो मॉनिटर लिजर्ड का शिकार करने वाले चार आरोपियों को मौके से पकड़ा।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से वन्यजीव का मांस, शिकार में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार और मोबाइल फोन समेत अन्य सामग्री जप्त की गई। वन विभाग की ओर से मामले की आगे जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे पवनी वन परिक्षेत्र के सावंगी बीट स्थित आरक्षित वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 423 में वन विभाग के कर्मचारी गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। कर्मचारियों ने स्थिति पर नजर रखते हुए तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी और मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। वन विभाग की टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी करते हुए वहां मौजूद चार लोगों को पकड़ लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश कर मॉनिटर लिजर्ड का शिकार किया था। मौके से दो मॉनिटर लिजर्ड का मांस बरामद किया गया। वन विभाग ने शिकार से जुड़े अन्य साक्ष्य भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने घटनास्थल से 2 सत्तूर, 2 ब्लेड और 2 मोबाइल फोन समेत अन्य सामग्री जब्त की। जब्त सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। विभाग की ओर से आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण से संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले में शिकार के उद्देश्य और आरोपियों की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है।
पकड़े गए आरोपियों में सागर शेषराव धुर्वे (23), रवींद्र बुध्या मरसकोल्हे (42), प्रशांत विवेक मरसकोल्हे (26) और दिनेश जगत आहाके (18) शामिल हैं। चारों सावंगी निवासी बताए गए हैं। वन विभाग की टीम आरोपियों से पूछताछ कर शिकार से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घटना में उनके साथ अन्य लोग शामिल थे या नहीं।
यह कार्रवाई उप-वन संरक्षक डॉ. विनीता व्यास के मार्गदर्शन तथा सहायक वन संरक्षक गोविंद लूचे और मानद वन्यजीव रक्षक अविनाश लोंढे के नेतृत्व में की गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी सागर बनसोड, क्षेत्र सहायक वाईबी पाटिल, एमपी पंचबुधे, जीओ राऊत, वीएस सोडगीर, एसआर मरसकोल्हे, इमरत टेकाम और विनोद टेकाम समेत अन्य वनकर्मी कार्रवाई में शामिल रहे। वन विभाग द्वारा मामले की विस्तृत जांच जारी है।