

नागपुर. प्रादेशिक परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर संकेत गायकवाड पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस अब आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज करने वाली है. पुलिस का मानना है कि पैसे के लेन-देन को लेकर हुए इस विवाद में आपराधिक षड्यंत्र रचा गया. ज्ञात हो कि पुलिस गायकवाड पर फायरिंग करने के मामले में आरटीओ की इंस्पेक्टर गीता शेजवल को आरोपी बना चुकी है. वहीं गायकवाड पर सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज किया गया है.
शेजवल की तलाश जारी है लेकिन मामला दर्ज होने के बाद से ही वह अंडरग्राउंड हो गई है. पुलिस को जानकारी मिली है कि आरटीओ के फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा जमा की जाने वाली मोटी रकम के लेन-देन को लेकर गायकवाड और शेजवल का विवाद हुआ है. पहले फ्लाइंग स्क्वाड के कलेक्शन का काम शेजवल को सौंपा गया था. बाद में गायकवाड को इस काम के लिए नियुक्त किया गया. पैसे के व्यवहार में ही विवाद हुआ और शेजवल ने गायकवाड पर गोली चलाई. हर महीने आरटीओ अधिकारियों की शंकरनगर के एक रेस्टोरेंट में बैठक होती थी. वहीं पर रकम की हिस्से-बांटी की जाती थी.
पुलिस ने रेस्टोरेंट से सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किए हैं. जांच के दौरान बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ है. पुलिस अब अपनी जांच की रिपोर्ट एंटी करप्शन ब्यूरो को भी सौंपने वाली है. इससे आरटीओ अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं लेकिन सूत्रों का दावा है कि विवाद का कारण ही कुछ और है. 5 मई 2022 की सुबह किसी और कारण से विवाद हुआ था. जिस फ्लैट में गोली चली वहां गायकवाड, उनकी पत्नी और शेजवल ही मौजूद थे. जब तक शेजवल की गिरफ्तारी नहीं होगी सच सामने नहीं आएगा. गायकवाड अपनी बीमारी का हवाला देकर जांच से बच रहे हैं. ऐसा क्या हुआ जो पैर पर गोली लगने के बाद भी वे पुलिस से सच्चाई छुपा रहे हैं.