

गुरुवार शाम नागपुर में निकली रैली के कारण कई प्रमुख मार्गों पर जाम लगा।
वर्धा रोड, धंतोली, मेडिकल चौक, महल और सेंट्रल एवेन्यू पर यातायात प्रभावित रहा।
एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों और मरीजों को भी परेशानी हुई।
अधूरे निर्माण कार्यों और डायवर्जन ने जाम की समस्या बढ़ाई।
Nagpur Festive Traffic Chaos: नागपुर त्योहार पर रैली, आंदोलन को लेकर देश में एक नई बहस छिड़ी हुई है। इस बहस के बीच गुरुवार को नागपुर में शाम को रैली निकाली गई। रैली किसकी थी, क्यों निकाली गई, इसे लेकर कुछ नहीं कहना लेकिन रैली ने पूरे शहर को 'चोक' कर दिया।
यातायात इतनी बुरी तरह से प्रभावित हुआ कि त्योहार का माहौल खराब हो गया, लोग घंटों जाम में फंसे रहे और नेताओं पर अपना भड़ास निकालते रहे।
सवाल यही उठता है कि जब दिल्ली में रैली से हजारों करोड़ रुपये का नुकसान होता है और व्यापारी इसकी शिकायत 'दूर-दूर' तक करते रहे तो नागपुर में रैली का विरोध क्यों नहीं किया गया।
शाम होते ही शहर की रफ्तार धीमी होने लगी जो देर रात तक जारी रही। वर्धा रोड पर कृपलानी चौक से शुरू हुआ जाम छत्रपति चौक तक असर डालता रहा। लोग रेगने को मजबूर हो गए, एयरपोर्ट जाने के लिए भी लोगों को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
अजनी स्टेशन, मोक्ष वाम, घाट रोड, मेडिकल चौक, अशोक चौक, महल, सेंट्रल एवेन्यू तक रैली का असर देखने को मिल रहा था।
धंतोली में मरीजों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, धंतोली आने वाले वाहन भी हर गली में रेंग रहे थे। गलियों से लेकर मुख्य मार्ग तक तक इस कदर वाहन फंसे थे कि एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं मिल पा रहा था।
घतोली में रैली का असर दीक्षाभूमि रोड और लक्ष्मीनगर चौक की ओर भी देखने को मिला, लोगों ने उन मार्गों से निकलने के प्रयास किया लेकिन इन मागों में भी लोगों को राहत नहीं मिली। वीआईपी रोड से लेकर दीक्षाभूमि चौक पर लोग फंसे रहे, इसी प्रकार आठ रास्ता चौक से लेकर लगभग शंकरनगर चौक तक वाहनों की रफ्तार थमी सी रही।
इन मागों में ट्रैफिक की स्थिति दयनीय हो चुकी थी लेकिन ट्रैफिक पुलिस वाले कहीं भी नजर नहीं आए।
ट्रैफिक कंट्रोल करने की सारी मुहिम फेल नजर आई, हालांकि पुलिस आयुक्त ने एक दिन पूर्व खुद कमान संभाली थी और सभी को मुस्तैदी के साथ काम करने को कहा था लेकिन भीड़ के आगे पुलिस का बंदोबस्त ध्वस्त नजर आया। लोगों को फंसने के लिए छोड़ दिया गया।
वास्तव में देखा जाए तो कई इलाकों में निर्माण कार्य तबाही मचाये हुए है। निर्माण कार्य की अवधि खत्म होने के बाद भी प्रोजेक्ट पूरे नहीं हुए है और इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड रहा है। कहीं रोड ब्लाक है तो कहीं डायवर्जन के साथ लोगों को इधर-उधर फंसने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
एक और कुछ व्यापारिक संगठनों ने रैली में शामिल सीएम देवेंद्र फडणवीस के स्वागत के लिए मंच सजाये थे तो दूसरी ओर त्योहारी ग्राहकी के आस में बैठे व्यापारी ग्राहक नहीं पहुंचने के कारण रोना रो रहे थे।
उनका कहना था कि हम दिल्ली की बात करते हैं लेकिन अपने ही शहर में रैली निकालकर परेशान किया जा रहा है।
इस प्रकार की रैली ऐन त्योहार पर नहीं होनी चाहिए, पूरा का पूरा मार्केट चौपट हो गया, मार्केट में व्यापारियों ने पूरी तैयारी कर रखी थी लेकिन ग्राहक पहुंच ही नहीं पाए। वाहनों में फंसे लोग इतने तंग हो चुके थे कि उन्होंने वापस जाना ही बेहतर समझा।