खाड़ी देशों से आयात ठप होने से नागपुर के किसानों पर 'खाद संकट'; 50 किलो की बोरी पर सीधे ₹900 की भारी बढ़ोतरी

Nagpur Fertiliser Shortage: खरीफ सीजन में खाद की मांग बढ़ने के बीच नागपुर में यूरिया और डीएपी की कमी गहरा गई है। आपूर्ति प्रभावित होने से किसानों को महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
Nagpur farmers face 'fertilizer crisis' due to halted imports from Gulf nations; sharp price hike of ₹900 per 50kg bag.
खाद संकट, यूरिया, डीएपी, खरीफ सीजन,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Updated on

Nagpur Kharif Season Farmers Agriculture: नागपुर जिले में खरीफ सीजन और मानसून की सक्रियता के बीच खाद की डिमांड बढ़ गई है, लेकिन खाड़ी देशों से आयात बाधित होने से किसानों को खाद की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। यूरिया और डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) की कमी के चलते अन्नदाता दर-दर भटकने को मजबूर हैं। खाद की उपलब्धता घटने से खेती-किसानी की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं और किसानों की चिंता बढ़ गई है।

खाड़ी देशों से खाद और उससे जुड़े कच्चे माल के आयात में बाधा आने के कारण बाजार में आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर खाद की कीमतों पर पड़ा है। खाद के 50 किलो के एक बैग की कीमत में करीब 900 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

उर्वरक संकट से किसान परेशान, खाद की कीमतों में भारी बढ़ोतरी

किसानों को खाद-10:26:26 की 50 किलो की बैग जहां 1,350 रुपये में मिल जाती थी, वहीं उन्हें अब 2,250 रुपये में मिल रही है। राज्य को जरूरत का स्टॉक मिलना चाहिए डीलरों का कहना है कि राज्य को अपनी जरूरत के अनुसार स्टॉक मिलना चाहिए और रेल मार्ग से अन्य सामग्री के बजाय उर्वरकों की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उर्वरकों की कमी से किसानों की जेब पर दबाव पड़ रहा है। यदि आवंटन किया जाता है तो स्टॉक भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड का मुख्यालय महाराष्ट्र में है।

जरूरत के मुताबिक नहीं मिल पा रहा माल

किसानों का कहना है कि विक्रेताओं के यहां पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है। कई जगह किसानों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, फिर भी जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रही है। समय पर खाद नहीं मिलने से फसलों की बुआई और वृद्धि पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही खाद की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आगामी फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। किसानों ने सरकार से खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण लगाने की मांग की है।

मौसम को देखते हुए खाद की अच्छी डिमांड है। आसपास के गांवों के किसान बीज मार्केट में पहुंच रहे हैं लेकिन इस बार उनकी यूरिया और डीएपी की डिमांड पूरी नहीं हो पा रही है। मार्केट में किसानों की सबसे अधिक डिमांड इन पर ही रहती है लेकिन इस बार शॉर्टेज हो गया है। वहीं महाराष्ट्र के डीलरों का कहना है कि सरकार को प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए उर्वरकों का आवंटित स्टॉक उपलब्ध कराना चाहिए।

Navbharat Live
navbharatlive.com