नागपुर ब्लास्ट मामले में कारखाना निदेशक और प्रबंधक गिरफ्तार

नागपुर में विस्फोटक बनाने वाले कारखाने में विस्फोट के मामले में शुक्रवार को कारखाना निदेशक और उसके प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना में छह श्रमिकों की मौत हो गई थी जबकि घायलों के इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
Factory director and manager arrested in Nagpur blast case
कारखाने में विस्फोट के बाद जमा लोग (सौजन्य पीटीआई)
Published on
Updated on

नागपुर : महाराष्ट्र में नागपुर शहर के निकट विस्फोटक बनाने वाले एक कारखाने में विस्फोट होने से छह श्रमिकों की मौत के मामले में शुक्रवार को कारखाना निदेशक और उसके प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुये बताया कि शुक्रवार को यहां एक अदालत में दोनों को पेश किया जाएगा।

अधिकारी ने कहा कि चामुंडी एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जय खेमका (49) और कारखाने के प्रबंधक सागर देशमुख को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें शुक्रवार को यहां एक अदालत में पेश किया जाएगा। कारखाना नागपुर शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर हिंगना पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत धमना गांव में है। विस्फोट गुरुवार को दोपहर करीब एक बजे हुआ था। इस मामले में पुलिस ने पहले कहा था कि कुल नौ घायलों को शहर के दो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था जिनमें से पांच महिलाओं और एक पुरुष की इलाज के दौरान मौत हो गई। विस्फोट के समय अधिकतर पीड़ित कारखाने की पैकेजिंग इकाई में काम कर रहे थे।

बता दें कि नागपुर-अमरावती हाईवे से सटे धामना लिंगा गांव के समीप नेरी मानकर क्षेत्र में बारूद बनाने वाली कंपनी चामुंडी एक्सप्लोसिव के पैकेजिंग यूनिट में बीते रोज ब्लास्ट होने से 6 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के समय यूनिट में मौजूद कामगारों में से मरने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक थी। इस हादसे में 4 की मौके पर ही मौत हो गई तो एक युवती की उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। तीन घायलों को नागपुर के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। बताया जाता है कि घटना के वक्त ब्लास्ट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मरने वालों के शरीर के चिथड़े उड़ गए। घटना के बाद चारों ओर अफरातफरी और चीखपुकार मच गई जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और एम्बुलेंस को दी।

घटना को लेकर आरोप है कि चामुंडी एक्सप्लोसिव कंपनी के मालिक नागपुर निवासी शिवशंकर खेमका इतनी बड़ी दुर्घटना होने पर भी देर रात तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। कंपनी के मालिक के अलावा मैनेजर और सुपरवाइजर भी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे गुस्साये लोगों ने कंपनी के गेट के सामने पहुंचकर हंगामा किया और कंपनी के सामने वाले महामार्ग पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस के अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए। इस घटना को लेकर पूर्व मंत्री अनिल देशमुख भी मौके पर पहुंचे और कंपनी प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। (एजेंसी इनपुट के साथ)

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com