आपका सिम आतंकी फंडिंग में इस्तेमाल हुआ है... 72 वर्षीय महिला को लगाया डिजिटल अरेस्ट का डर, गंवाए 15.30 लाख

A 72-Year-old Woman In Nagpur Was Defrauded By Cyber Criminals: नागपुर में साइबर ठगों ने 72 वर्षीय वृद्धा को फर्जी पुलिस अधिकारी बन और 'डिजिटल अरेस्ट' का खौफ दिखाकर 15.30 लाख रुपये की चपत लगा दी।
Online Fraud Cyber Crime
ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड सायबर क्राईम(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Digital Arrest Scam Cyber Crime: नागपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक 72 वर्षीय वृद्ध महिला को अपनी दहशत का शिकार बनाकर उनसे 15.30 लाख रुपये ऐंठ लिए। अपराधियों ने महिला को 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाया और उनके नाम पर जारी सिमकार्ड का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में होने का झूठा दावा किया। पीड़ित वृद्धा की शिकायत के बाद साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

आपके खाते से हो रही आतंकी फंडिंग

घटना की शुरुआत 22 जुलाई की सुबह हुई, जब वृद्धा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को लखनऊ पुलिस का वरिष्ठ अधिकारी बताया। आरोपी ने महिला से कहा कि उनके नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एक नया सिमकार्ड और बैंक खाता खोला गया है। ठग ने दावा किया कि इस बैंक खाते से देश विरोधी और आतंकी गतिविधियों के लिए पैसों का लेनदेन (फंडिंग) किया जा रहा है।

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व्हाट्सएप पर भेजा फर्जी अरेस्ट वारंट

अचानक मिले इस कॉल और संगीन आरोपों को सुनकर बुजुर्ग महिला बुरी तरह डर गईं। उनकी घबराहट का फायदा उठाते हुए आरोपी ने तुरंत पुलिस टीम भेजकर गिरफ्तार करने की धमकी दी। डर का माहौल और गहरा करने के लिए जालसाज ने उनके व्हाट्सएप पर एक फर्जी 'अरेस्ट वारंट' भी भेज दिया। इसके बाद आरोपी ने कहा कि उनके बैंक खातों की जांच चल रही है और अगर वे गिरफ्तारी से बचना चाहती हैं तो उन्हें जमानत राशि के रूप में पैसे जमा कराने होंगे।

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