देवलापार: बावनथडी नदी से धड़ल्ले से अवैध रेत परिवहन, ‘डबल ट्रिप’ से राजस्व को नुकसान; प्रशासन पर सवाल

देवलापार क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन की बढ़ती घटनाएं, प्रशासन पर उठे सवाल।
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Deolapar Illegal Sand Mining News: देवलापार उपविभाग के लोधा गांव के पास बहने वाली बावनथडी नदी से इन दिनों बड़े पैमाने पर रेत परिवहन किया जा रहा है। प्रशासन ने लोधा घाट से रॉयल्टी के साथ रेत परिवहन को मंजूरी दी है, लेकिन पिछले डेढ़ से दो महीनों में अधिकृत परिवहन के साथ-साथ अवैध रेत खनन और ढुलाई भी तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, लोधा घाट से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए रेत पिंडकापार, बेलदा और हिवरा मार्ग से विभिन्न गांवों तक पहुंचाई जा रही है। 7 मार्च को जंगल क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़क किनारे रेत के ढेर मिलने से अवैध गतिविधियों की पुष्टि हुई है।

जांच में सामने आया है कि कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर नंबर अंकित नहीं हैं और अधिकांश चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ परिवहनकर्ता एक ही रॉयल्टी रसीद पर दो बार रेत ढुलाई कर ‘डबल ट्रिप’ कर रहे हैं, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

देवलापार वन विभाग के पिंडकापार चेक पोस्ट पर हुई जांच में भी बड़ी संख्या में ऐसे वाहन पकड़े गए, जिनके पास न तो वैध दस्तावेज थे और न ही चालक लाइसेंसधारी थे। इसके अलावा पिंडकापार और नवेगांव मार्ग पर कई जगहों पर रेत फेंकी हुई पाई गई, जो हादसों के बाद चालकों के फरार होने की ओर इशारा करती है।

नशे में ड्राइविंग से बढ़ा खतरा

सूत्रों के अनुसार, इन हादसों का एक बड़ा कारण शराब पीकर वाहन चलाना है। लोधा घाट के पास बावली गांव में शराब की आसानी से उपलब्धता के चलते चालक रेत भरते समय ही नशा कर लेते हैं और तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं। इससे ट्रैक्टर पलटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। संकरे मार्ग के कारण भी जोखिम बढ़ गया है, जहां एक समय में केवल एक ही वाहन गुजर सकता है। ऐसे में आमने-सामने वाहन आने पर गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं

स्थानीय नागरिकों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

नागरिकों ने मांग की है कि अवैध रेत परिवहन पर तत्काल रोक लगाने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

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