FBI मतलब फडणवीस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, AC हॉल में छूटे अफसरों के पसीने, जब CM ने खोला फाइलों का कच्चा चिट्ठा

Devendra Fadnavis News: सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अचानक बुलाई बैठक में फाइलों को लटकाने वाले अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा 'फडणवीस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन' की नजर हर विभाग पर है।
Devendra Fadnavis On Ashok Kharat Case
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो, सोर्स: सोशल मीडिया)
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Fadnavis Bureau Of Investigation: महाराष्ट्र की राजनीति में 'देवाभाऊ' के नाम से लोकप्रिय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपनी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, लेकिन हाल ही में एक समीक्षा बैठक के दौरान उनका एक अलग ही रूप देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने अचानक एक विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई। अधिकारियों को लगा कि यह एक रूटीन बैठक होगी, लेकिन जैसे ही फडणवीस ने खास फाइलों पर सवाल दागना शुरू किया, वातानुकूलित हॉल में बैठे बड़े-बड़े अधिकारियों के माथे पर पसीने की बूंदें चमकने लगीं।

'लेन-देन' के चक्कर में रुकी फाइलें तो खैर नहीं

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का रुख ठंडा मगर बेहद सख्त था। उन्होंने सीधे एक अधिकारी की आंखों में देखते हुए उस फाइल का जिक्र किया जिसे मंजूरी के लिए उनके पास भेजा ही नहीं गया था। फडणवीस ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर कुछ लेन-देन के कारण फाइलें आगे नहीं बढ़ रही हैं और जनता के काम लटक रहे हैं, तो तुम्हारा सरकारी सेवा में रहना अर्थहीन है। उनका इशारा साफ था कि भ्रष्टाचार की वजह से विकास कार्यों में देरी को वे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

क्या है FBI यानी फडणवीस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन?

अधिकारियों को चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने एक नए शब्द का प्रयोग किया जिसने सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा कि विभाग कोई भी हो, FBI यानी 'फडणवीस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन' की नजर हर मेज और हर फाइल पर है। दरअसल, फडणवीस को यह सूचना मिली थी कि कुछ अधिकारी उन फाइलों को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक पहुंचने ही नहीं दे रहे हैं जिनमें उनके निजी आर्थिक स्वार्थ छिपे हुए हैं। अफसरों ने यह रास्ता इसलिए निकाला था क्योंकि उन्हें पता है कि फडणवीस ऐसी किसी फाइल को मंजूरी नहीं देते जिसमें भ्रष्टाचार की गंध आए।

फडणवीस बोले- मैं जनता के प्रति जवाबदेह हूं

बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार, 'देवाभाऊ' की आवाज शांत थी, लेकिन उनके शब्दों के पीछे एक धधकता हुआ ज्वालामुखी था। उन्होंने कड़े आदेश जारी किए कि विकास कार्यों और जनहित की फाइलों को किसी भी कीमत पर रोका न जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अफसरों की काट अब काम नहीं आएगी और जो फाइलें दबाकर रखी गई हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। इस बैठक के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

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