यशश्री आत्महत्या कांड में उठी न्याय की मांग, जनता फाउंडेशन ने जमकर किया आंदोलन, जाने पूरा मामला

Yashashree Suicide Case: यशश्री आत्महत्या कांड में मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए नेशनल फायर सर्विस कॉलेज के सामने जनता फाउंडेशन ने छात्रा यशश्री के परिवार के साथ आंदोलन किया।
Yashashree Suicide Case: यशश्री आत्महत्या कांड में मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए नेशनल फायर सर्विस कॉलेज के सामने जनता फाउंडेशन ने छात्रा यशश्री के परिवार के साथ आंदोलन किया।
जनता फाउंडेशन ने किया आंदोलन (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur News: नेशनल फायर सर्विस कॉलेज के सामने जनता फाउंडेशन ने छात्रा यशश्री के परिवार के साथ आंदोलन किया। उन्होंने यशश्री आत्महत्या कांड में मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग की है। इस संबंध में जनता फाउंडेशन जीशान सिद्दीकी ने बताया कि 2021 से नेशनल फायर सर्विस कॉलेज की छात्रा यशश्री का कॉलेज के 7 लड़कों द्वारा लगातार शोषण किया गया। इनमें वीरेंद्र सिंह, अभिषेक कुमार, अनुराग सिंह, हर्ष लोचक, शशांक शेखर, शशांक पांडे और अनुज सिंह का समावेश है।

इन लड़कों ने यशश्री के साथ कई वर्षों तक गालीगलौज और अश्लील हरकतें कीं। यशश्री ने कॉलेज प्रशासन से शिकायत की लेकिन कॉलेज द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया गया। कॉलेज से कोई मदद नहीं मिलने के बाद यशश्री के परिवार ने मानकापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। 7 लड़कों के नाम देने के बावजूद केवल 3 आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया। आला अधिकारियों से शिकायत करने के बाद मानकापुर के तत्कालीन पीआई ने अन्य 4 के खिलाफ अज्ञात आरोपियों के तहत मामला दर्ज किया।

पुलिस ने नहीं किया गिरफ्तार

न्याय नहीं मिलने पर पीड़िता ने 2023 में कॉलेज छोड़ दिया। गौरतलब है कि गुनाह दर्ज होने के बावजूद आरोपियों को 2024 में कॉलेज के कैंपस सिलेक्शन में नौकरी मिल गई। तनाव बढ़ने पर आखिर यशश्री ने अप्रैल 2025 में आत्महत्या कर ली जिसके बाद केवल वीरेंद्र सिंह को जेल भेजा गया बाकी सभी आरोपियों ने एंटीसिपेटरी बेल ले ली, जबकि उन्हें एंटीसिपेटरी बेल मिलने के पहले पुलिस बाकी आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती थी।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

आंदोलन के दौरान पीड़ित परिवार और सिद्दीकी ने मांग की है कि इस मामले में 7 लड़कों के अलावा कॉलेज के तत्कालीन डायरेक्टर राजेश चौधरी, धर्मेंद्र पाल, गौतम कुमार तथा मनकापुर थाने की तत्कालीन पुलिस निरीक्षक मंडावधरे को भी यशश्री को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आरोपी बनाया जाए। इन सभी लोगों ने आरोपियों को पूरी तरह मदद की जिसके कारण यशश्री ने अपनी जान गंवाई। अब यदि बजाजनगर पुलिस इन लोगों को आरोपी नहीं बनाती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा, साथ ही इस मामले को रिट याचिका के जरिए हाई कोर्ट तक ले जाया जाएगा।

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