सरल भाषा में संविधान…राज्यपाल ने पुस्तक का किया विमोचन, अन्य भाषाओं में अनुवाद की मांग

Constitution: राज्यपाल देवव्रत ने नागपुर में CM फडणवीस के भाषण पर आधारित ‘भारतीय संविधान की अमृत महोत्सव यात्रा’ पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक सरल भाषा में संवैधानिक जानकारी देती है।
Constitution: राज्यपाल देवव्रत ने नागपुर में CM फडणवीस के भाषण पर आधारित ‘भारतीय संविधान की अमृत महोत्सव यात्रा’ पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक सरल भाषा में संवैधानिक जानकारी देती है।
पुस्तक का विमोचन (सौजन्य-नवभारत)
Published on
Updated on

Devendra Fadnavis Constitution Speech: भारतीय संविधान ने नागरिकों को उनके कर्तव्यों और दायित्वों को समझाने के लिए एक बहुत ही सुंदर संवैधानिक ढांचा तैयार किया है। संविधान में भाईचारे और लोकतंत्र की भावना है। संविधान ने समाज और राष्ट्र को जोड़ने का काम किया है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि संविधान की जानकारी सरल और सहज भाषा में पुस्तक के रूप में उपलब्ध कराई जा रही है।

भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘भारतीय संविधान का अमृत महोत्सव’ विषय पर 26 मार्च 2025 को विधानसभा में हुई चर्चा के उत्तर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा दिए गए भाषण का मंगलवार को लोकभवन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने पुस्तक के रूप में विमोचन किया। इस पुस्तक का संकलन और संपादन महाराष्ट्र विधानमंडल के वी.स. पागे संसदीय प्रशिक्षण केंद्र द्वारा किया गया है।

विधानसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध

राज्यपाल ने आगे कहा कि मुझे खुशी है कि राजभवन का नाम बदलकर लोकभवन कर दिया गया है। आज भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है। संविधान के मार्गदर्शक सिद्धांतों के कारण हमारा देश अब तेजी से विकास कर रहा है। इस पुस्तक से संविधान की बारीकियों को सीखा जा सकता है। इस पुस्तक का अन्य भाषाओं में भी अनुवाद किया जाना चाहिए। राम शिंदे ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बहुत ही सरल भाषा में यह संदर्भ पुस्तक निश्चित रूप से सभी के लिए उपयोगी होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की इस पुस्तक की एक प्रति विधानसभा की वेबसाइट www.mls.org.in पर उपलब्ध होगी।

सभी पहलुओं पर विचार कर संविधान का निर्माण : CM फडणवीस

विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भारतीय संविधान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संविधानों में से एक है। जब भारत स्वतंत्र हुआ तब यह विभिन्न रियासतों में विभाजित था। देश में सांस्कृतिक एकता तो थी लेकिन राजनीतिक एकता नहीं थी, इसलिए सभी को साथ लेकर और सभी पहलुओं पर विचार करके संविधान तैयार किया गया। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने संविधान के मूल्यों को संरक्षित रखने वाले विभिन्न देशों के लोकतंत्रों का अध्ययन किया और हमारे देश के शाश्वत मूल्यों पर आधारित संविधान का निर्माण किया।

अन्य भाषाओं में भी हो अनुवाद : DCM शिंदे

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह पुस्तक संविधान की जानकारी नागरिकों तक अत्यंत सरल भाषा में पहुंचाने में निश्चित रूप से उपयोगी होगी। अत्यंत विद्वत्तापूर्ण भाषण पर आधारित यह पुस्तक अत्यंत सरल भाषा में संविधान को सभी तक पहुंचाएगी। कई देशों के अपने-अपने संविधान हैं। हालांकि हमारा संविधान समाज का एक व्यापक प्रतिबिंब है। ऐसे में इस पुस्तक का अन्य भाषाओं में भी अनुवाद किया जाना चाहिए।

सरल शब्दों में संवैधानिक विचार : एड. राहुल नार्वेकर

विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि आम जनता को संविधान की जानकारी सरल शब्दों में मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री फडणवीस के भाषण को पुस्तक के रूप में प्रस्तुत करने की आवश्यकता थी। इस पुस्तक के माध्यम से संवैधानिक विचार आम जनता तक सरल शब्दों में पहुंचेंगे। पुस्तक के माध्यम से संविधान के प्रावधानों की जानकारी उपलब्ध होगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधान परिषद के सभापति राम शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष एड। राहुल नार्वेकर, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे, विधान सभा के उपाध्यक्ष अन्ना बनसोडे, संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल समेत मंत्रिमंडल और विधानमंडल के सदस्य उपस्थित थे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com