Nagpur News: डरा-धमकाकर दंपति से लिया बच्चा, CP से शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला, 4 गिरफ्तार

Newborn Baby
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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नागपुर. विवाह के पूर्व बच्चे को जन्म देने वाले दंपति को डरा-धमकाकर उनका बच्चा छीन लिया गया. पीड़ित दंपति अपने बच्चे के लिए दर-दर भटकते रहे लेकिन न्याय नहीं मिला. आखिर सीपी अमितेश कुमार से मिलकर शिकायत की. उन्होंने डीसीपी राहुल मदने को प्रकरण की जांच करने को कहा. अब धंतोली पुलिस ने 5 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर 4 को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में भीम चौक, इंदोरा निवासी अविनाश मुरकुटे (33), उसकी पत्नी किरण मुरकुटे (27), हिल टॉप निवासी स्वप्निल उर्फ पंकज सफेलकर (32) और सुदामनगरी, नरसाला निवासी रवींद्र नवघरे (38) का समावेश है.

पुलिस ने अमित लोणारे और वसुंधरा समुपदेशन केंद्र के अज्ञात अधिकारियों को भी आरोपी बनाया है. पीड़ित दंपति यवतमाल के रहने वाला है. पति बैंक में काम करता है और पत्नी शेयर ट्रेडिंग का काम करती है. दोनों के बीच प्रेम संबंध थे. मार्च 2022 में दोनों नागपुर आ गए और साथ रहने लगे. दिसंबर 2022 में पीड़ित महिला को गर्भवती होने का पता चला. धंतोली के केतकी नर्सिंग होम में जांच की गई और 6 महीने का गर्भ होने के कारण डॉक्टर ने गर्भपात न करवाने की सलाह दी. इसके 2-3 दिन बाद पति के साथ काम करने वाला रवींद्र नवघरे उनके घर आया.

पति को बताया कि उसे रेप के मामले में जेल जाना पड़ सकता है. इसके 2-3 दिन बाद रवींद्र अविनाश और उसकी पत्नी किरण मुरकुटे को उनके घर पर ले आया. मुरकुटे दंपति 7 वर्ष से निसंतान हैं. उन्होंने पीड़ित दंपति को समाज में बदनामी होने और कानूनी कार्रवाई होने का डर दिखाया तथा बच्चा उन्हें सौंपने को कहा. 21 मार्च को महिला ने बेटे को जन्म दिया. अस्पताल में उपचार के दौरान पूरा टाइम मुरकुटे दंपति वहां मौजूद थे.

अस्पताल से छुट्टी के वक्त महिला को अपने बच्चे से मिलने तक नहीं दिया और वे बच्चे को ले गए. बच्चा वापस मांगने पर 4 लाख रुपये देने को कहा गया. इसके बाद मुरकुटे का साला अमित लोणारे और अपराधी रणजीत सफेलकर के रिश्तेदार स्वप्निल ने पति-पत्नी को धमकाना शुरू कर दिया. पति को जबरदस्ती सदर स्थित नोटरी कार्यालय में ले जाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर लिए गए. उन्हें पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई. अपना बच्चा वापस पाने के लिए दंपति ने सिविल लाइंस के जिला परिषद भवन में स्थित वसुंधरा समुपदेशन केंद्र में आवेदन दिया. वहां के अधिकारियों ने भी पैसे लेकर मामला रफादफा करने और बच्चे को भूल जाने को कहा.

उनकी बात नहीं मानने पर उनका केस जानबूझकर प्रलंबित रखा गया. 4 जुलाई 2023 को मुरकुटे ने दंपति के खिलाफ सीताबर्डी थाने में धमकाकर पैसे मांगने की शिकायत की. वहां भी पुलिस अधिकारी ने पीड़ित दंपति पर दबाव बनाया. आखिर परेशान होकर दंपति ने सीपी से शिकायत की. अब धंतोली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बाल संरक्षण कानून की धारा 75, 81, भादवि की धारा 370 और 34 के तहत मामला दर्ज कर 4 आरोपियों को हिरासत में लिया है. फिलहाल बच्चे को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के संरक्षण में रखा गया है.

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