

Nagpur Gas Leak CBG Truck: नागपुर शहर के ईंटाभट्टी परिसर में शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क से गुजर रहे सीबीजी से भरे ट्रक के एक सिलेंडर से अचानक तेज दबाव के साथ गैस का रिसाव शुरू हो गया। सिलेंडर के फेरूल में खराबी आने के कारण जोड़ वाले हिस्से से गैस बाहर निकलने लगी। हवा में गैस फैलते ही आसपास मौजूद नागरिकों में दहशत का माहौल बन गया।
घटना के दौरान ट्रक में सीबीजी से भरे कुल 30 सिलेंडर लदे हुए थे। प्रत्येक सिलेंडर में करीब 25 किलोग्राम गैस भरी थी। समय रहते रिसाव का पता चल जाने और चालक द्वारा ट्रक रोक दिए जाने से संभावित बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, भांडेवाड़ी क्षेत्र में केवा सुसबडे कंपनी द्वारा सीबीजी प्लांट संचालित किया जाता है। कंपनी प्रतिदिन करीब 700 मीट्रिक टन कचरे से बायोगैस तैयार करती है। शनिवार को ट्रक क्रमांक एमएच-40/डीसी-6114 में 30 सीबीजी सिलेंडर लादकर काटोल स्थित पंप के लिए रवाना किया गया था।
नागपुर शहर में ट्रक जब ईंटाभट्टी इलाके से गुजर रहा था, तभी अचानक एक सिलेंडर के फेरूल में तकनीकी खराबी आ गई। सिलेंडर के जोड़ वाले हिस्से से गैस तेज दबाव के साथ बाहर निकलने लगी। रिसाव के कारण तेज आवाज सुनाई दी और आसपास के लोगों को स्थिति का अंदाजा हुआ।
कुछ नागरिकों ने तत्काल शोर मचाकर चालक का ध्यान इस ओर खींचा। खतरे को भांपते हुए चालक प्रशांत दुधराज शेंडे (25), निवासी भांडेवाड़ी, ने तुरंत ट्रक सड़क किनारे रोक दिया।
चालक ने घटना की जानकारी संबंधित कंपनी के साथ अग्निशमन विभाग को दी। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम और यशोधरानगर पुलिस मौके पर पहुंच गई। टीमों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
घटना यशोधरानगर पुलिस थाने से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर हुई। सीबीजी ज्वलनशील गैस होने के कारण रिसाव के दौरान आसपास आग लगने या किसी अन्य स्रोत से चिंगारी पैदा होने पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। ऐसे में समय रहते ट्रक रोक दिया जाना और दमकल व पुलिस का मौके पर पहुंचना महत्वपूर्ण रहा।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सिलेंडर के फेरूल में खराबी के कारण रिसाव हुआ। समय पर कार्रवाई किए जाने से गैस रिसाव को नियंत्रित कर लिया गया और इलाके में किसी बड़े हादसे की स्थिति पैदा नहीं हुई।
घटना के बाद कुछ समय के लिए आसपास के नागरिकों में भय का माहौल रहा। संबंधित विभाग द्वारा सिलेंडर और ट्रक की तकनीकी स्थिति की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फेरूल में खराबी किस वजह से आई।