

नागपुर. राशन की दूकानों के बार-बार चक्कर लगाने से कार्डधारकों की परेशानी बढ़ते जा रही है. लोगों को अपने हक का राशन लेना भी अब कठिन हो गया है. हर माह 1 तारीख से अनाज मिलने की शुरुआत होती है, लेकिन अभी आधे से अधिक महीना बीता गया, परंतु लोगों को अनाज नहीं मिल पाया है. पिछले एक वर्ष से इस चली आ रही समस्या से लोग परेशान हो चुके हैं. कभी सर्वर तो कभी मशीन का सॉफ्टवेयर अनाज वितरण में बाधा डालता है. सरकार की इस उदासीनता से राशन दूकानदारों की भी मुसीबतें बढ़ते जा रही हैं. देखा जाये, तो 18 तारीख तक सभी दूकानों से 65 से 70 प्रश माल का वितरण हो जाता है, परंतु अब तक शहर की दूकानों से मुश्किल मात्र 20 से 22 प्रश ही माल का वितरण हो पाया है.
राशन दूकानदार संघ के सचिव रीतेश अग्रवाल बताते हैं कि मशीन शुरू नहीं हो पाने से कार्डधारकों को रोज बिना राशन के वापस भेजना पड़ता है. इसके चलते कार्डधारक दूकानदारों को ही खरी खोटी सुनाते हैं. दूकानदार इसकी शिकायत मुंबई विभाग के मुख्यालय में भी करते हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती. आला अधिकारी लोगों से जुड़ी समस्याओं को ज्यादातर अपनी पेंडिग लिस्ट में ही डालकर रखते हैं. बीते एक साल से चली आ रही फ्रिंगर प्रिंट मैच न होने की समस्या अभी भी वैसी की वैसी है. वहीं मशीन में अनाज को समय पर लोड नहीं किया जा रहा है. सरकार इसके लिए कोई व्यवस्था भी नहीं कर रही है. सरकार बड़ी-बड़ी तकनीकी की बात करती है और इसमें फेल हो रही है. जब मशीन चालू होती है, तो राशन दूकानों के सामने लंबी लाइनें लग जाती हैं, जिससे लोगों को घंटों खड़ा रहना पड़ता है.
कार्डधारक संगीता वरलेवार कहती हैं कि रोज-रोज चक्कर लगाने से परेशानी बढ़ गई है. जब मशीन से काम नहीं होता है, तो इसे लाकर ही क्यों रखा गया है. पहले आसानी से राशन मिल जाता था, लेकिन अब तो कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है. सरकार को पहले जैसी ही व्यवस्था करनी चाहिए.
कार्डधारक मंदा बोनगिरवार कहती हैं कि आधे से अधिक महीना बीत गया, लेकिन अब तक राशन नहीं मिल पाया है. दूकानदारों को भी पता नहीं रहता है कि मशीन कब शुरू होगी. मजबूरी में दूकान में रोज आकर देखना पड़ता है. इससे काफी समय बर्बाद होता है.
कार्डधारक नंदिनी शर्मा कहती हैं कि सरकार लोगों की परेशानी नहीं समझ रही है. सर्वर डाउन और पॉश मशीन की समस्या हर महीने में होती है. इसके बाद भी सरकार की कुंभकर्णी नींद नहीं खुल रही है. अब नई सरकार से उम्मीद है कि वह इस समस्या का समाधान करेगी.
कार्डधारक जितेंद्र विल्सन का कहना है कि समस्याओं को नजर अंदाज करना ठीक नहीं है. सिस्टम ऐसा होना चाहिए जिससे हर पात्र व्यक्ति अपना राशन आसानी से ले सके. साथ ही दूकानदार महीने का राशन समय से वितरित कर सकें लेकिन आए सिस्टम में होने वाले परिवर्तनों से सभी परेशान रहते हैं.