

Nagpur Crore Allegation: नागपुर पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने उनके जुड़े कथित 100 करोड़ रुपये के आरोपों की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने राज्यपाल से सीधे शिकायत करते हुए मांग की है कि वे राज्य सरकार को आरोपों की जांच के लिए गठित चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने का निर्देश दें जो 4 वर्षों से दबाकर रखी गई है। उन्होंने कहा है कि चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक न करना प्राकृतिक न्याय की हत्या के समान है।
उन पर लगाए गए कथित 100 करोड़ रुपये के आरोपों की गहन जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश केयू चांदीवाल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच आयोग गठित किया था। आयोग ने लगभग 13 महीनों तक विस्तृत जांच कर करीब 1,400 पृष्ठों की अंतिम रिपोर्ट 26 अप्रैल 2022 को राज्य सरकार को सौंप दी थी। अत्यंत खेदजनक है कि रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद लगभग 4 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन इसे अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा है कि रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और विधानसभा के पटल पर रखने की मांग को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को 11 बार पत्र लिखे। प्रधान सचिव तथा संबंधित विभाग के सचिवों से भी लगातार संपर्क किया लेकिन राज्य सरकार ने आज तक इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया और जानबूझकर दबाकर रखा है।
यह जांच सीधे मेरे मामले से संबंधित है। इसके निष्कर्ष, सिफारिशें और तथ्य मेरे कानूनी, सार्वजनिक और व्यक्तिगत अधिकारों से सीधे जुड़े हुए हैं। मामले की सच्चाई जानने से मुझे और महाराष्ट्र की जनता को वंचित रखना प्राकृतिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर गंभीर आघात है। उन्होंने 4 वर्षों तक इस रिपोर्ट को सार्वजनिक न करने के पीछे यदि कोई राजनीतिक कारण रहे हों तो उनकी स्वतंत्र जांच की मांग भी की है।