West Bengal Election 2026, हिंसा पर RSS का बड़ा प्रहार, दत्तात्रेय होसबले ने ममता सरकार को घेरा

Bengal Poll Violence:पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में हुई हिंसा पर RSS महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कानून-व्यवस्था के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
West Bengal Election 2026: RSS Launches Major Attack Over Violence; Dattatreya Hosabale Corners Mamata Government
दत्तात्रेय होसबले (सोशल मीडिया)
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West Bengal Election 2026: चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों से आई हिंसा की खबरों ने एक बार फिर चुनावी माहौल को गरमा दिया है। इस गंभीर स्थिति पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबले ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था बनाए रखना पूरी तरह से मौजूदा सरकार की जिम्मेदारी है।

सरकार की है जवाबदेही

24 अप्रैल को दिए अपने बयान में दत्तात्रेय होसबले ने बंगाल की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आखिर इस हिंसा के लिए जिम्मेदार कौन है? यह हमेशा मौजूदा सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करे। जब भी चुनाव होते हैं, तो सभी राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं को एक लोकतांत्रिक उत्सव की तरह इसमें भाग लेना चाहिए। उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को संयम बरतना चाहिए और लोकतांत्रिक संदेश का प्रसार करना चाहिए, न कि हिंसक गतिविधियों में खुद को झोंकना चाहिए।

पिछली हिंसा का जिक्र और कड़ी चेतावनी

होसबले ने बंगाल के पिछले चुनावों के बाद हुई भयानक हिंसा (2021) की याद दिलाते हुए कहा कि देश और दुनिया अच्छी तरह जानती है कि इन हरकतों के पीछे कौन है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि ये तत्व अभी भी लोकतंत्र का सबक नहीं सीख रहे हैं, तो उन्हें जान लेना चाहिए कि हिंसा उन्हें कहीं नहीं ले जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल की जनता अब जागरूक है और वह ऐसे हिंसक तत्वों को अपने तरीके से जवाब देगी।

पहले चरण का तनावपूर्ण माहौल

ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान संपन्न हुआ है। हालांकि चुनाव आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, लेकिन फिर भी कूचबिहार, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों से झड़प, पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं। हिंसा के साये के बावजूद राज्य में 92% से अधिक मतदान दर्ज किया गया है। दक्षिण दिनाजपुर और अन्य जिलों में भाजपा उम्मीदवारों पर कथित हमलों की खबरें भी आईं, जिसके बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

दत्तात्रेय होसबले का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य दूसरे चरण के मतदान (29 अप्रैल) की ओर बढ़ रहा है। उनके बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, खासकर सत्ताधारी दल के लिए यह एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। अब सबकी नजरें इस पर हैं कि क्या दूसरे चरण में प्रशासन और सुरक्षा बल शांति व्यवस्था बनाए रखने में सफल हो पाते हैं या नहीं।

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