

महाराष्ट्र FDA ने त्योहारी सीजन के दौरान मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई की है।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने ₹12.74 करोड़ के असुरक्षित उत्पाद जब्त किए।
नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने कुल 68 लाइसेंस सस्पेंड किए।
Tukaram Mundhe FDA Action Festival Crackdown: नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान और आगामी दिवाली की तैयारियों के बीच, महाराष्ट्र FDA ने मिलावटखोरों और खाद्य नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ राज्यव्यापी फेस्टिव क्रैकडाउन चलाया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में की गई इस बड़ी कार्रवाई में राज्य के सभी सात विभागों मुंबई, कोंकण, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और अमरावती में ताबड़तोड़ छापेमारी कर ₹12.74 करोड़ मूल्य के असुरक्षित और मिलावटी खाद्य उत्पाद जब्त किए गए हैं।
नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले प्रतिष्ठानों पर नकेल कसते हुए FDA ने 68 खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं, 7 प्रतिष्ठानों को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है और 4 प्रतिष्ठानों से ₹1.30 लाख का जुर्माना वसूला है। वहीं, प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू नेटवर्क के खिलाफ पुलिस के साथ मिलकर 22 FIR दर्ज की गई हैं और 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इस अभियान का सबसे चौंकाने वाला खुलासा ठाणे और पुणे जिलों में हुआ। FDA विभाग को आशंका थी कि जिस खराब, एक्सपायर्ड या रिजेक्टेड खाद्य सामग्री को नष्ट करने के लिए भेजा जाता है, उसे नष्ट करने के बजाय अवैध रूप से वापस बाजार में बेचने की साजिश रची जा रही है।
जांच के दौरान 8,392 किग्रा खराब खाद्य स्टॉक पकड़ा गया, जिसकी कीमत लगभग ₹48.09 लाख है। जांच में पाया गया कि कंपनियों के गोदामों, ठेकेदारों, अनधिकृत निपटान केंद्रों और बिचौलियों के जरिए यह जहरीला खाना दोबारा आम जनता की थाली तक पहुंचाने की कोशिश हो रही थी। कंपनियां नष्ट करने का पारदर्शी रिकॉर्ड पेश नहीं कर सकीं, जिसके चलते 5 लाइसेंस निलंबित किए गए और आपराधिक शिकायतें दर्ज कराई गईं।
छत्रपति संभाजीनगर विभाग में FDA ने एक ही दिन में दो बड़े कोल्ड स्टोरेज पर छापेमारी कर 1,97,480 किग्रा सामग्री (मूल्य ₹4.19 करोड़) जब्त की, जिसमें लाल मिर्च पाउडर, किशमिश, गुड़ और पाश्चुरीकृत मक्खन शामिल था। नियमों के उल्लंघन पर दोनों कोल्ड स्टोरेज के लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिए गए।
इसके अलावा, पूरे महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और सुगंधित तंबाकू के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें ₹3.15 करोड़ का माल और वाहन जब्त किए गए।
राज्यभर में खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान भयानक लापरवाही सामने आई। कई होटलों और निर्माण इकाइयों के किचन व ड्रेनेज सिस्टम में भारी गंदगी मिली, चूहे और कॉकरोच घूमते पाए गए, शाकाहारी और मांसाहारी भोजन एक साथ स्टोर किया जा रहा था, तथा अनधिकृत कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल हो रहा था। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर 68 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए और 7 को बंद करा दिया गया।
नागरिकों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कोई समझौता नहीं होगा। नष्ट करने के लिए भेजे गए भोजन को दोबारा बाजार में लाना अत्यंत गंभीर अपराध है। त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ने के कारण कोल्ड स्टोरेज, गोदामों और निर्माण इकाइयों की जांच लगातार जारी रहेगी।
तुकाराम मुंढे (महाराष्ट्र FDA कमिश्नर)