Mumbai: बच्चों के लिए सोशल मीडिया खतरनाक, सोनाक्षी ने कहा- भारत में भी कानून जरूरी

Mumbai News: सोनाक्षी सिन्हा ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का समर्थन किया है, जबकि जहीर इकबाल ने पैरेंटल कंट्रोल को बेहतर उपाय बताया।
Sonakshi Sinha
सोनाक्षी सिन्हा (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने ऑस्ट्रेलिया सरकार द्वारा 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का समर्थन किया है।

एक कार्यक्रम के दौरान इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सोनाक्षी ने कहा कि ऐसा कानून भारत में भी लागू किया जाना चाहिए। सोनाक्षी सिन्हा का मानना है कि कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया और मोबाइल फोन से दूर रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में यह कानून और भी पहले आना चाहिए।

अभिनेत्री के अनुसार, बच्चों को एक तय उम्र तक सोशल मीडिया से पूरी तरह अलग रखना चाहिए, कम से कम तब तक जब तक वे खुद सही और गलत के बीच फर्क समझने में सक्षम न हो जाएं। उनका कहना था कि डिजिटल दुनिया का प्रभाव बच्चों के मानसिक विकास पर गहरा असर डालता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

पति जहीर ने रखा अलग पक्ष

हालांकि, इस मुद्दे पर उनके पति और अभिनेता जहीर इकबाल की राय थोड़ी अलग नजर आई। जहीर का कहना है कि पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बजाय माता-पिता की जिम्मेदारी अधिक अहम है। उन्होंने कहा कि बच्चों पर सही निगरानी रखकर भी सोशल मीडिया और डिजिटल उपकरणों के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है।

जहीर इकबाल ने अपने घर का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके घर में उनकी भतीजी के पास आईपैड है, लेकिन उसमें केवल वही कंटेंट उपलब्ध कराया गया है जो बच्चों के लिए सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि बच्चे को हर तरह की चीजें देखने की खुली छूट नहीं दी गई है, बल्कि कंट्रोल्ड एक्सेस रखा गया है। उनके मुताबिक, यही एक व्यावहारिक और संतुलित तरीका है।

अभिनेता का मानना है कि टेक्नोलॉजी को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के बजाय उसे सही दिशा में इस्तेमाल करना सिखाना अधिक जरूरी है। माता-पिता अगर सतर्क रहें और बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें, तो सोशल मीडिया के नुकसान से काफी हद तक बचा जा सकता है।

इस तरह, जहां सोनाक्षी सिन्हा बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सख्त कानून की पैरवी करती नजर आईं, वहीं जहीर इकबाल ने पैरेंटल कंट्रोल और जिम्मेदार परवरिश को इसका बेहतर समाधान बताया।

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