अरे राहुल, मेरी बात सुनो, क्यों चिल्ला रहे हो? एंटी पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान भड़के श्रीकांत शिंदे

Public Examinations Bill: लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे भड़के। NEET को साल में 2 बार कराने की मांग।
Shrikant Shinde Lok Sabha Speech
एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर बहस के वक्त आक्रामक हुए श्रीकांत शिंदे (फोटो क्रेडिट-X)
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Shrikant Shinde Lok Sabha Speech: संसद के मानसून सत्र में पेश किए गए 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक-2026' पर लोकसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। इस विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने NEET परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों का सुझाव दिया।

हालांकि, अपने संबोधन के दौरान विपक्ष के लगातार हंगामे और टोकाटोकी से आक्रामक हुए श्रीकांत शिंदे ने गुस्से में कहा, "अरे राहुल, मेरी बात सुनो! क्यों चिल्ला रहे हो?" जिसके बाद सदन में अचानक सियासी सरगर्मियां बढ़ गईं।

NEET परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने का सुझाव

लोकसभा में बोलते हुए डॉ. श्रीकांत शिंदे ने NEET और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के मौजूदा ढांचे में बड़े बदलावों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल NEET परीक्षा साल में केवल एक ही बार आयोजित की जाती है, जिससे ग्रामीण इलाकों और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को किसी वजह से परीक्षा छूट जाने पर पूरे एक साल का भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

श्रीकांत शिंदे ने विदेश और अमेरिका की परीक्षा प्रणालियों का हवाला देते हुए कहा कि वहां प्रवेश परीक्षाएं साल में दो या उससे अधिक बार आयोजित की जाती हैं। उन्होंने मांग की कि भारत में भी NEET परीक्षा को साल में दो बार कराने का विकल्प दिया जाना चाहिए।

अरे राहुल, मेरी बात सुनो

जब श्रीकांत शिंदे सदन में अपना पक्ष रख रहे थे, तभी विपक्ष के सदस्यों ने नारेबाजी और व्यवधान डालना शुरू कर दिया। इस पर श्रीकांत शिंदे बेहद आक्रामक हो गए और उन्होंने सीधे तौर पर टोकते हुए 'राहुल' नाम लेकर चुप रहने को कहा।

जैसे ही उन्होंने राहुल नाम लिया, विपक्षी सांसद और अधिक हमलावर हो गए। हालांकि, स्थिति को संभालते हुए शिंदे ने मुस्कुराते हुए चुटकी ली और कहा, "अरे बाबा, मैं पुराने राहुल से बात कर रहा हूं। मैं राहुल पासवान से बात कर रहा हूं।" उनके इस जवाब के बाद सदन का माहौल थोड़ा हल्का हुआ।

परीक्षा संशोधन विधेयक पर तेज हुई सियासत

उल्लेखनीय है कि देश में NEET पेपर लीक के बाद बने भारी जनाक्रोश के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षाओं में पारदर्शिता और सख्त सजा तय करने के उद्देश्य से यह नया संशोधन विधेयक पेश किया है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और शिक्षा मंत्रालय श्रीकांत शिंदे द्वारा दिए गए 'साल में दो बार NEET परीक्षा कराने' और त्वरित परिणाम जारी करने जैसे व्यावहारिक सुझावों को नए नियमों में शामिल करती है या नहीं।

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