

Shehzad Poonawalla Slams Vijay Wadettiwar: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार द्वारा दिए गए "जैसी करनी वैसी भरनी" वाले बयान ने अब एक बड़े राष्ट्रीय विवाद का रूप ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कांग्रेस नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने वडेट्टीवार के बयान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नफरत फैलाने वाला करार दिया है।
शहजाद पूनावाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के नारे पर कटाक्ष करते हुए कहा, यह कांग्रेस की मोहब्बत की दुकान नहीं बल्कि नफरत के भाईजान है। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय वडेट्टीवार जिस तरह अमेरिका की हिंसक घटना की तुलना भारत की स्थिति से कर रहे हैं, वह बेहद खतरनाक संकेत है। पूनावाला ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस नेता भारत में भी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ उसी तरह के हमले की कामना कर रहे हैं जैसा अमेरिका में हुआ?
पूनावाला ने वडेट्टीवार के पिछले बयानों का जिक्र करते हुए उन्हें घेरा। उन्होंने कहा, ये वही विजय वडेट्टीवार हैं जिन्होंने 26/11 के मुंबई हमलों में पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की कोशिश की थी और 'ऑपरेशन सिंदूर' पर सवाल उठाए थे। जो व्यक्ति आतंकवाद के मुद्दे पर पड़ोसी देश का पक्ष ले सकता है, उससे देश के प्रधानमंत्री के लिए सम्मान की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
भाजपा प्रवक्ता ने केवल वडेट्टीवार ही नहीं, बल्कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को भी इस विवाद में घसीटा। उन्होंने कहा, कांग्रेस के अध्यक्ष खड़गे जी पीएम मोदी को 'आतंकवादी' और आरएसएस-भाजपा को 'जहरीला सांप' कहते हैं। वहीं, राहुल गांधी कहते हैं कि प्रधानमंत्री को 'डंडों से पीटा जाना चाहिए'। पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस की ओर से पीएम मोदी के खिलाफ 150 से अधिक बार ऐसी अपमानजनक टिप्पणियां की गई हैं।
शहजाद पूनावाला ने सीधे तौर पर राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि जब तक राहुल गांधी स्वयं वडेट्टीवार के इस बयान की निंदा नहीं करते, तब तक यह माना जाएगा कि यह कांग्रेस पार्टी और खुद राहुल गांधी की भी यही सोच है। भाजपा ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन हिंसा को जायज ठहराना या किसी नेता की जान को खतरे में डालने वाली बयानबाजी करना अक्षम्य है।