सफाई देने नहीं, हक की बात करने गया था...पीएम मोदी से मुलाकात के बाद शरद पवार ने बताया दिल्ली जाने का कारण

Sharad Pawar PM Modi Meeting: पीएम से मुलाकात के बाद शरद पवार ने चुप्पी तोड़ते हुए दिल्ली जाने की वजह बताई। पवार ने कहा कि वह सफाई देने नहीं, बल्कि NEET पेपर लीक और किसानों के हक की बात करने गए थे।
sharad pawar clarifies reason behind meeting pm narendra modi in delhi
शरद पवार और पीएम की भेंट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Updated on

Sharad Pawar Clarifies Reason Behind Meeting PM: महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले वरिष्ठ नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एसपी के अध्यक्ष शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद अपनी चुप्पी तोड़ दी है।

अक्सर उनकी मुलाकातों को लेकर सियासी गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जाते हैं, लेकिन इस बार पवार ने खुद सामने आकर उन गंभीर मुद्दों का खुलासा किया है, जिनके कारण उन्होंने दिल्ली में प्रधानमंत्री के सरकारी निवास पर दस्तक दी।

NEET पेपर लीक और छात्रों का संघर्ष

मुलाकात के बाद शरद पवार ने बताया कि उनके दिल्ली दौरे का एक प्रमुख कारण NEET परीक्षा में हुई धांधली और उसके बाद उपजे हालात थे। उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने पेपर लीक के बाद छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों और इस दौरान पुलिस द्वारा छात्रों के साथ किए गए अनुचित व्यवहार का मुद्दा मजबूती से उठाया। पवार ने उन छात्रों पर दर्ज किए गए मुकदमों पर भी चिंता जताई जो केवल अपने भविष्य के लिए आवाज उठा रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि इस समस्या का ठोस समाधान निकाला जाए और छात्रों के हितों की रक्षा की जाए।

महाराष्ट्र के किसानों का गंभीर संकट

पवार और मोदी की इस बैठक में सबसे ज्यादा समय महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र की बदहाली पर चर्चा में बीता। शरद पवार ने प्रधानमंत्री को सौंपे एक विस्तृत पत्र के माध्यम से राज्य के किसानों की हृदय विदारक स्थिति बयां की। पत्र के अनुसार, महाराष्ट्र में हर तीन घंटे में एक किसान आत्महत्या कर रहा है। विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में एक साल के भीतर 2,700 से अधिक किसानों ने अपनी जान गंवाई है।

पवार ने प्रधानमंत्री को बताया कि प्रशासनिक उदासीनता और नीतिगत कमियों के कारण पीड़ित परिवारों को मिलने वाली 1 लाख रुपये की सरकारी सहायता भी समय पर नहीं मिल पा रही है। MSP की कानूनी गारंटी की मांग करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में केवल 5% से 12% उपज ही सरकारी दरों पर खरीदी जा रही है, जिससे किसानों को व्यापारियों को कम दाम पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

सिंचाई और फसल बीमा की चुनौतियां

मुलाकात के दौरान पवार ने सिंचाई परियोजनाओं में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक देरी का मुद्दा भी छेड़ा। उन्होंने हजारों करोड़ की सिंचाई योजनाओं के अधूरे पड़े होने पर चिंता जताते हुए इनकी थर्ड-पार्टी ऑडिट की मांग की।

इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की कमियों को उजागर करते हुए कहा कि बीमा कंपनियां सर्वेक्षण में देरी करती हैं, जिससे किसानों को मुआवजे के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने नकली बीज और उर्वरकों की समस्या को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई और कृषि निवेश पर लगने वाले GST में कमी की भी अपील की।

सकारात्मक चर्चा और भविष्य की उम्मीद

इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सांसद सुप्रिया सुले भी उपस्थित रहीं। शरद पवार के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सभी ज्वलंत मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाया है और इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया है। पवार ने स्पष्ट किया कि वह किसानों को केवल राहत नहीं, बल्कि उनके परिश्रम का उचित मूल्य और एक उत्तरदायी प्रशासन दिलाना चाहते हैं। अब देखना यह होगा कि दिल्ली की इस बड़ी मुलाकात के बाद महाराष्ट्र के किसानों और देश के छात्रों को कितनी जल्दी राहत मिलती है।

Navbharat Live
navbharatlive.com