विधान परिषद में शक्ति विधेयक एकमत से मंजूर, महिलाओं की सुरक्षा होगी पुख्ता

mantralya
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मुंबई: महिलाओं की सुरक्षा (Women Security) के लिए शक्ति आपराधिक कानून (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक (Shakti Bill) को शुक्रवार को विधान परिषद में भी एकमत से मंजूर कर लिया गया। इससे पहले गुरुवार को विधानसभा में इस बिल को एकमत से मंजूर किया गया था। इस विधेयक में महिलाओं के खिलाफ अपराध (Crime) पर मौत की सजा समेत कड़ी सजा के प्रावधान हैं।  

गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल (Minister Dilip Walse Patil) ने इस विधेयक को विधान परिषद में पेश करते हुए कहा कि इससे राज्य में महिलाओं को नई शक्ति मिलेगी और उनकी सुरक्षा पुख्ता होगी। नेता विपक्ष प्रवीण दरेकर (Praveen Darekar) ने इस विधेयक का स्वागत किया, लेकिन साथ में उन्होंने इस कानून को प्रभावी ढ़ंग से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे पहले बच्चों के शोषण को रोकने के लिए पोस्को कानून लाया गया है।दरेकर ने कहा कि कोई कानून कितना ही अच्छा क्यों न हो , उसकी सफलता उसे सही ढ़ंग से लागू करने पर टिकी होती है । 

कानून का दुरुपयोग न हो इसके लिए भी प्रावधान 

इसके जवाब में गृहमंत्री पाटिल ने कहा कि इस कानून का दुरुपयोग न हो इसके लिए भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि फर्जी मामले दर्ज करने पर 1 वर्ष से 3 वर्ष तक की सजा और एक लाख  रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। 

राज्य की महिलाओं की सुरक्षा मजबूत होगी

विधान परिषद सदस्य भाई जगताप और मनीषा कायंदे ने भी इस विधेयक के लिए गृहमंत्री को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि इससे राज्य की महिलाओं की सुरक्षा मजबूत होगी। विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोहे ने भी इस विधेयक के लिए गृहमंत्री को बधाई दी। बाद में सभी सदस्यों ने मेज थपथपा कर इस बिल को एकमत से मंजूर किया। अब यह बिल राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा । जिसके बाद यह राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए जाएगा। राष्ट्रपति की मुहर के बाद इस कानून को राज्य में लागू किया जाएगा।  

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