

Shaina NC To Sana Malik On Quran Law Controversy: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में एनसीपी (अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक द्वारा तीन तलाक और बहुविवाह के मुद्दे पर कुरान व पाकिस्तान के कानूनों का हवाला देने के बाद शुरू हुआ सियासी घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस विवाद में शिवसेना (शिंदे गुट) की वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता शाइना एनसी की एंट्री हो गई है। शाइना एनसी ने सना मलिक के इस बयान को प्रतिगामी और महिलाओं के अधिकारों का हनन बताते हुए उन पर बेहद तीखे और व्यक्तिगत सवाल दागे हैं।
शाइना एनसी ने दो टूक कहा कि यह छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि और बाबासाहेब अंबेडकर का भारत है, जहां किसी भी तरह की 'तालिबानी मानसिकता' को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत संविधान से चलता है, धर्म ग्रंथों पर आधारित कानून से नहीं।
सना मलिक के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शिवसेना नेता शाइना एनसी ने उनसे सीधा सवाल पूछा, "मैं सना मलिक से पूछना चाहती हूं कि अगर कल को आपके पति चार महिलाओं से शादियां करने की इच्छा जताएं, तो क्या आप उन्हें इसकी लिखित अनुमति देंगी? क्या आपको यह व्यावहारिक रूप से मंजूर होगा?"
उन्होंने आगे कहा कि जब एक महिला विधायक ही सदन में खड़े होकर बहुविवाह जैसी प्रथाओं का बचाव करती है, तो आधुनिक समाज में जेंडर इक्वालिटी (लैंगिक समानता) और महिला सशक्तिकरण की बातें बेमानी हो जाती हैं। यह टिप्पणी देश की प्रगतिशील महिलाओं का अपमान करने जैसी है।
वोट बैंक की राजनीति पर प्रहार करते हुए शाइना एनसी ने कहा, "सना मलिक जी को यह याद रखना चाहिए कि यह पाकिस्तान नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'नया भारत' है। यहां मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड या शरिया के आधार पर कानून नहीं बनाए जा सकते। एक तरफ पीएम मोदी हैं जिन्होंने तीन तलाक (Triple Talaq) को अपराध घोषित कर करोड़ों मुस्लिम माताओं-बहनों को समाज में सम्मान और सुरक्षा की गारंटी दी है, और दूसरी तरफ महायुती की ही एक विधायक केवल एक विशेष वोट बैंक को साधने के लिए इस तरह के विवादास्पद बयान दे रही हैं। उन्हें अपने इस जनविरोधी बयान पर तुरंत पुनर्विचार करना चाहिए।"
समान नागरिक संहिता की वकालत करते हुए शाइना एनसी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसी भी समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, "जब हम समान नागरिक संहिता (UCC) की बात करते हैं, तो हमारा एकमात्र लक्ष्य होता है कि देश की हर बेटी को सुरक्षा मिले, चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई। देश तुष्टिकरण की राजनीति से नहीं बल्कि समान अधिकारों से आगे बढ़ेगा।"
दूसरी तरफ, चौतरफा घिरने के बाद विधायक सना मलिक ने अपनी सफाई में कहा है कि उनके बयान को पूरी तरह से संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने बस बीजेपी विधायक देवयानी फरांडे द्वारा पाकिस्तान का संदर्भ दिए जाने के बाद अपना धार्मिक और कानूनी पक्ष रखा था।