

Shaina NC Attack AIMIM And Congress: महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने AIMIM को लेकर एक बड़ा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे के उस बयान का समर्थन किया है जिसमें एआईएमआईएम को एक आतंकवादी संगठन बताया गया था। शाइना एनसी ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी कभी भी राष्ट्रवादी नहीं हो सकती, क्योंकि उनकी राजनीति का आधार केवल तुष्टिकरण और आतंक है। उन्होंने इस दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी जमकर हमला बोला।
शिवसेना ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन) को आतंकवादी संगठन बताए जाने पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे का समर्थन किया है। एकनाथ शिंदे गुट की प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि AIMIM बिल्कुल भी राष्ट्रवादी नहीं सकती है, क्योंकि यह पार्टी सिर्फ आतंक और आतंकवाद को समझती है।
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि नासिक TCS में जिस तरह निदा खान के कॉर्पोरेट जिहाद फैलाया, यह दुख की बात है। हम इसकी निंदा करते हैं। दूसरी तरफ ओवैसी की सिर्फ तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति करती है। AIMIM बिल्कुल भी राष्ट्रवाद नहीं सकती है। यह सिर्फ आतंक और आतंकवादियों को ही समझते हैं, तो वह कहीं न कहीं एक आतंकवादी पार्टी है।
इस दौरान, शाइना एनसी ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। तमिलनाडु में कांग्रेस और टीवीके के गठबंधन के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल पूछा कि राहुल गांधी इतने हताश क्यों हैं। शाइना एनसी ने कहा कि जब कांग्रेस पास कुल 5 विधायक हैं, वे गठबंधन बना रहे हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि तमिलनाडु की जनता ने विजय को जीत दी है, कांग्रेस को नहीं।
शाइना एनसी ने कहा कि यह काफी अजीब बात है कि राहुल गांधी मंच पर एक दुल्हन की तरह खड़े थे, जिनका स्वागत किया जाना था, लेकिन हर किसी की दिलचस्पी सिर्फ दूल्हे विजय का स्वागत करने में थी। सवाल यह है कि क्या यह सहयोग का गठबंधन है या सिर्फ हताशा का या फिर इस बड़ी टीवीके जीत का एक छोटा सा हिस्सा बनकर खड़े होने का एक मौका मात्र है? मुझे लगता है कि यह बिल्कुल साफ है कि 5 विधायकों के साथ वह बहुत कुछ नहीं कर सकते, लेकिन मैं बस इतना ही कहना चाहूंगी कि इससे आपकी अपनी छवि पर क्या असर पड़ता है?
तेल संकट पर प्रधानमंत्री मोदी की अपील को लेकर शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया है कि वे देश के साथ सहयोग करने के लिए पेट्रोल, डीजल और अन्य चीजों पर खर्च करने के मामले में संयम बरतें। मुझे लगता है कि यह एक स्वैच्छिक बातचीत है, जिसका हमें स्वागत करना चाहिए। इसका असर ईंधन बचाने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन पर भी पड़ता है। अगर हम तीन बातों पर गौर करें, तो पहली है मध्य-पूर्व में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और 2026 के लिए आपूर्ति का जोखिम, ऐसे में तेल आयात का बिल बढ़ता ही जाएगा।
इस जनआंदोलन में पूरा देश प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा है। इसलिए विपक्ष इसे एक मुद्दा न बनाए और परिस्थितियों को समझे। जन आंदोलन का मतलब विपक्ष की हिस्सेदारी भी है।
इसी बीच, शाइना एनसी ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा को बड़ी जीत मिली है। इसका कारण यह है कि महिलाओं ने यह ठान लिया था कि उन्हें सुरक्षा का वातावरण चाहिए। वहां के युवाओं ने ठाना कि उन्हें घुसपैठ नहीं चाहिए। सच्चाई यही है। शशि थरूर से पूछना चाहती हूं कि क्या मतदाताओं के नाम काटे जाने से भाजपा को 207 सीटें मिलीं।