

Sanjay Raut on Surat Migration: सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर उमड़ी प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ और वहां हुए पुलिसिया लाठीचार्ज को लेकर राजनीति गरमा गई है। शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और गुजरात प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें गुजरात के मौजूदा मुख्यमंत्री का नाम तक नहीं पता, क्योंकि आज भी वहां की सत्ता की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के हाथों में ही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर 'गुजरात मॉडल' इतना ही सफल है, तो वहां लोग पलायन करने को क्यों मजबूर हैं?
बता दें कि रविवार (19 अप्रैल) को सूरत में औद्योगिक मंदी और एलपीजी संकट के बीच हजारों की संख्या में मजदूर अपने गृह राज्यों की ओर लौटने के लिए उधना रेलवे स्टेशन पर जमा हुए थे। इस दौरान मची अफरा-तफरी को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। संजय राउत ने इसी का हवाला देते हुए कहा कि गुजरात में लोगों के पास रोजगार नहीं है और उनके घरों के चूल्हे बंद हो गए हैं।
संजय राउत ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी निशाने पर लिया। राउत ने उनके सितंबर 2023 के एक पुराने सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र करते हुए पूछा कि अब भाजपा इस मुद्दे पर पीछे क्यों हट रही है? उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद 16 अप्रैल 2026 से महिला आरक्षण कानून पूरे देश में लागू हो चुका है। राउत ने आरोप लगाया कि अब इस पर राजनीति करना केवल महिलाओं को गुमराह करने जैसा है।
निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन यानी परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर संजय राउत ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 850 करने की योजना का विरोध इसलिए किया क्योंकि यह कदम केवल एक पार्टी को जीवन भर सत्ता में रखने के लिए उठाया जा रहा था। राउत ने कहा, "हमने इस गैर-कानूनी पुनर्रचना को रोक दिया है, जिससे सरकार को गुस्सा आ रहा है, लेकिन देश की जनता सब कुछ देख रही है।"
पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल पर चर्चा करते हुए संजय राउत ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में चुनाव आयोग पूरी तरह से इलेक्शन मशीनरी का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने ममता बनर्जी के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि वह जो कर रही हैं, वह केंद्र के दबाव के खिलाफ एक सही लड़ाई है। राउत के इन बयानों ने आगामी चुनावों से पहले महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच की कड़वाहट को और बढ़ा दिया है।