मुंबईकरों को बड़ी राहत! संजय गांधी नेशनल पार्क के 4000 लोगों का होगा पुनर्वास, उपमुख्यमंत्री शिंदे का फैसला

SGNP Slum Relocation Mumbai: संजय गांधी नेशनल पार्क क्षेत्र में वर्षों से रह रहे नागरिकों के लिए खुशखबरी। 4,000 लोगों के त्वरित पुनर्वास और पार्क के अंदर ही मकान बनाने का रास्ता साफ हो गया है।
Eknath Shinde SGNP Slum Relocation Mumbai
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदेसोर्स: सोशल मीडिया
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Mumbai National Park Housing Project: संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) की सीमा के भीतर और आसपास वर्षों से रह रहे हजारों नागरिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में पहले चरण में 4 हजार रहवासियों के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय उद्यान की सीमा निर्धारित कर सुरक्षा दीवार बनाने की दिशा में भी अब तेजी से कदम उठाए जाएंगे।

25 हजार लोगों का होना है पुनर्वास

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान की सीमा में करीब 25 हजार रहवासी रहते हैं। इनमें से लगभग 20 हजार लोगों के पुनर्वास के लिए कल्याण के पास खोणी और पनवेल के पास शिरढोण में तैयार मकान उपलब्ध होने की जानकारी म्हाडा और एसआरए ने वन विभाग को दी है। हालांकि, मुंबई से काफी दूर होने के कारण स्थानीय नागरिक इन स्थानों पर जाने का विरोध करते रहे हैं।

अब सरकार ने तय किया है कि जो नागरिक खोणी और शिरढोण के तैयार मकानों में जाने के लिए तैयार हैं, उन्हें वहां पुनर्वासित किया जाएगा। वहीं, अन्य प्रभावितों के लिए म्हाडा और एसआरए के उपलब्ध मकानों के आधार पर नजदीकी क्षेत्रों में पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।

2 हजार आदिवासियों का पार्क में ही पुनर्वास

इस पुनर्वास योजना में करीब 2 हजार स्थानीय आदिवासी भी शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया कि आदिवासियों को दूर स्थानांतरित करने के बजाय उनकी पारंपरिक जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के भीतर ही ग्राउंड प्लस वन मंजिल के मकान बनाकर उनका पुनर्वास किया जाएगा।

सह्याद्री अतिथिगृह में हुई बैठक में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के पुनर्वास की विस्तृत समीक्षा की गई।

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बिजली, मोबाइल शौचालय और सड़कों की व्यवस्था

उद्यान की सीमा अभी तक पूरी तरह निर्धारित नहीं होने के कारण यहां रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए अदाणी कंपनी के माध्यम से अस्थायी बिजली कनेक्शन, मुंबई महानगरपालिका की ओर से मोबाइल शौचालय और गणेशोत्सव को देखते हुए बस्तियों की सड़कों की अस्थायी मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार के इन फैसलों से संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में वर्षों से पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे हजारों नागरिकों के लिए नई उम्मीद जगी है। राजस्व विभाग को उद्यान की सीमा जल्द निर्धारित करने और उससे प्रभावित होने वाले नागरिकों के तत्काल पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

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