पत्रकारों को धमकी के बाद अब 'दागी' कनेक्शन; संजय दीना पाटिल पर मनसे का बड़ा हमला

Sandeep Deshpande Alleges Sanjay Dina Patil: मनसे नेता संदीप देशपांडे ने सांसद संजय दीना पाटिल की फरार आरोपी के साथ तस्वीर जारी कर गृह विभाग से जांच और सुरक्षा हटाने की मांग की।
Sandeep Deshpande On Sanjay Dina Patil
संदीप देशपांडे और फरार आरोपी के साथ सांसद संजय दीना पाटिल (फोटो क्रेडिट-X)
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Sandeep Deshpande On Sanjay Dina Patil: उत्तर-पूर्वी मुंबई के सांसद संजय दीना पाटिल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले पत्रकारों को ऑन-कैमरा गाली देने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में घिरे पाटिल पर अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने एक नया और बेहद गंभीर बम फोड़ा है। मनसे के वरिष्ठ नेता संदीप देशपांडे ने शुक्रवार सुबह एक धमाकेदार प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सांसद संजय दीना पाटिल की एक संदिग्ध व्यक्ति के साथ तस्वीर सार्वजनिक की है।

देशपांडे का दावा है कि तस्वीर में सांसद के साथ दिख रहा शख्स नासिक के बहुचर्चित 10 करोड़ रुपये के केबल चोरी मामले का मुख्य और फरार आरोपी है। इस खुलासे के बाद मनसे ने पुलिस और गृह विभाग से इस अंडरवर्ल्ड और क्रिमिनल नेक्सस की तत्काल गहन जांच करने की मांग की है।

फरार आरोपी सांसद के साथ क्या कर रहा है?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबूत के तौर पर तस्वीर लहराते हुए मनसे नेता संदीप देशपांडे ने सीधे पुलिस प्रशासन और गृह मंत्रालय पर तीखे सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने पूछा, "क्या यह वही व्यक्ति नहीं है जो नासिक में हुए 10 करोड़ रुपये के बड़े केबल घोटाले और चोरी के मामले में पुलिस रिकॉर्ड में फरार घोषित है? अगर पुलिस इसे ढूंढ रही है, तो यह कानून का भगोड़ा देश के एक जिम्मेदार सांसद संजय दीना पाटिल के साथ खुलेआम क्या कर रहा है?

यह व्यक्ति कौन है और इसके खिलाफ कुल कितने मामले दर्ज हैं? जिस कार में हाल ही में एक दुर्घटना हुई थी, वह किसके नाम पर रजिस्टर्ड है? इन सभी सवालों के जवाब मुंबई और नासिक पुलिस को देने होंगे।" देशपांडे ने दावा किया कि पाटिल के फेसबुक अकाउंट पर ऐसी कई तस्वीरें मौजूद हैं जो उनके संदिग्ध संबंधों की पोल खोलती हैं।

लोकतंत्र का अपमान करने वाले की वाई-प्लस (Y+) सुरक्षा

पत्रकारों के साथ हुए दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए संदीप देशपांडे ने सांसद पाटिल की भाषा और आचरण पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "कल एक मौजूदा सांसद ने सार्वजनिक रूप से मीडियाकर्मियों को जो अपशब्द कहे हैं, वह भाषा और संस्कृति महाराष्ट्र के गौरवशाली इतिहास के बिल्कुल अनुकूल नहीं है। पत्रकारों को डराना, उन्हें जान से मारने की धमकी देना और यह कहना कि 'कमिश्नर से शिकायत करोगे तो भी देख लूंगा', सीधे तौर पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान है। ऐसे हिंसक और संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले नेता को सरकार ने 'वाई-प्लस' श्रेणी की वीआईपी सुरक्षा क्यों दे रखी है? टैक्सपेयर्स के पैसों पर इन्हें यह सुरक्षा कवच अभी भी क्यों मिल रहा है, इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए।"

राज ठाकरे के पुराने मामले का दिया हवाला

प्रशासनिक नियमों में दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए देशपांडे ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, "एक समय था जब राज ठाकरे साहब ने केवल रेलवे भर्ती के मुद्दे पर एक भड़काऊ भाषण दिया था, तो सरकार ने तुरंत उनकी सुरक्षा हटा ली थी। क्या वह नियम इस शिंदे सेना के सांसद पर लागू नहीं होता जो ऑन-कैमरा कत्ल की धमकियां दे रहा है?"

उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के पुराने हिट एंड रन केस का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उस दुर्घटना में पुलिस बॉडीगार्ड की शिकायत मुख्य गवाह बनी थी, वैसे ही सरकार को संजय दीना पाटिल की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों से लिखित शिकायत लेनी चाहिए और सरकारी गवाहों के सामने पाटिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करनी चाहिए।

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