

Mumbai News In Hindi: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारतीयों को अपनी शिक्षा और सोच को बिदेशी प्रभाव से मुक्त करना होगा। अंग्रेजों की मैकाले शिक्षा प्रणाली ने हमें मानसिक रूप से गुलाम बना दिया है।
भारत के प्राचीन ऋषि-मुनियों और ज्ञानियों ने मेक्सिको से साइबेरिया तक की यात्राएं कीं और विज्ञान, संस्कृति व आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचार किया, लेकिन कभी किसी देश पर कब्जा नहीं किया और न ही धर्म परिवर्तन कराया आरएसएस प्रमुख भागवत रविवार को मुंबई में 'आर्य युग' ग्रंथ के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
भागवत ने कहा कि भारत ने विश्व को ज्ञान दिया पर कभी किसी पर अधिकार नहीं जमाया। इतिहास में कई आक्रमणकारियों ने भारत को लूटा और गुलाम बनाया, लेकिन सबसे बड़ी क्षति तब हुई जब भारतीयों के मन और आत्मविश्वास को गुलाम बनाया गया। अब समय है कि हम अपनी मूल पहचान, और आध्यात्मिक शक्ति वैज्ञानिक दृष्टि को फिर से स्थापित करें और दुनिया को ज्ञान देने की अपनी भूमिका निभाएं।