शेखर सुमन से स्तुतिसुमन चाहती थी भाजपा, मिले कड़वे सच! शेखर टूनाइट के निर्माता पर ED की रेड से भड़के रोहित

Rohit Pawar on Shekhar Suman: शेखर टूनाइट के निर्माता के ठिकानों पर ED की रेड के बाद महाराष्ट्र में सियासी घमासान शुरू हो गया है। रोहित पवार ने भाजपा पर तंज कसते हुए इसे अघोषित आपातकाल बताया।
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रोहित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Rohit Pawar Slams BJP Over ED Raid: मनोरंजन जगत और राजनीति के बीच एक नया संग्राम छिड़ गया है। मशहूर अभिनेता शेखर सुमन के शो शेखर टूनाइट के प्रोड्यूसर और उनके करीबी सहयोगी धर्मेश संघानी के ठिकानों पर ED की छापेमारी ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस कार्रवाई पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवारइ गुट) के विधायक रोहित पवार ने तीखा हमला बोलते हुए इसे अघोषित आपातकाल करार दिया है।

ED की राडार पर धर्मेश संघानी और कलानी इम्पेक्स

जांच एजेंसी ने शुक्रवार को धर्मेश संघानी द्वारा संचालित कंपनी कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड के विभिन्न ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई FEMA के कथित उल्लंघन और संदिग्ध क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन के मामले में की गई है। ED के अनुसार, संघानी के तार कनाडा, अमेरिका और यूएई में अघोषित विदेशी बैंक खातों से जुड़े हैं। अधिकारियों का कहना है कि जो पैसा भारत में आना चाहिए था, वह लंबे समय तक बाहर ही रहा और उसका कोई सही हिसाब नहीं दिया गया। इसके साथ ही, जांच की आंच शेखर सुमन की फिल्म एकेडमी तक भी पहुंच सकती है, जिससे संघानी के पुराने संबंध बताए जा रहे हैं।

रोहित पवार का वार: चुभ गए सच्चाई के बाण

इस छापेमारी को लेकर रोहित पवार ने सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भले ही नाम शेखर सुमन हो, लेकिन सत्ताधारी उनसे हर बात पर स्तुतिसुमन सुनने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? पवार ने दावा किया कि यह रेड केवल इसलिए हुई क्योंकि शेखर सुमन ने अपने शो के माध्यम से सरकार पर तीखी और वस्तुनिष्ठ टिप्पणी की थी।

देश का सबसे भरोसेमंद ड्राई क्लीनर

रोहित पवार ने शेखर सुमन के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने सत्ताधारी दल पर कटाक्ष करते हुए कहा था, देश का सबसे अच्छा और भरोसेमंद ड्राई क्लीनर, स्थापना - 2014। पवार के अनुसार, सच्चाई के इस प्रहार से सत्ताधारी बुरी तरह घायल हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीति साफ है घोटालेबाजों को अपनी पार्टी में लेकर उन्हें पवित्र कर दो और जो कलाकार आईना दिखाने की कोशिश करें, उनके पीछे ED लगा दो।

लोकतंत्र या अघोषित आपातकाल?

रोहित पवार ने इस पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि कलाकारों और सच बोलने वालों को निशाना बनाना किसी तानाशाही से कम नहीं है। उनके अनुसार, यह स्थिति एक अघोषित आपातकाल जैसी है, जहां सरकार अपनी आलोचना सुनने के बजाय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल बदला लेने के लिए कर रही है।

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