मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी, नक्सल कनेक्शन की पड़ताल में जुटीं जांच एजेंसियां, दो भाई गिरफ्तार

Mumbai News: मुंबई के नेवी नगर से हथियार चोरी मामले में तेलंगाना के दो भाई गिरफ्तार किए गये है। एनआईए, सीबीआई और एटीएस जांच में जुटीं है। आरोपियों के नक्सल कनेक्शन की आशंका पर एजेंसियां अलर्ट पर है।
राइफल चोरी के दो आरोपी गिरफ्तार (pic credit; social media)
राइफल चोरी के दो आरोपी गिरफ्तार (pic credit; social media)
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Rifle stolen from Mumbai Navy Nagar: नेवी नगर जैसे अति सुरक्षित इलाके से हथियार चोरी की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को हिला दिया है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में तेलंगाना के आसिफाबाद जिला निवासी दो भाइयों उमेश रमेश डुबबूला और राकेश रमेश डुबबूला को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर सैन्य वर्दी पहनकर नेवी नगर में घुसने और वहां से एक इंसास राइफल व 40 जिंदा कारतूसों से भरी दो मैगजीन चुराने का आरोप है। इस घटना ने मुंबई पुलिस के साथ-साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर ला दिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आसिफाबाद को नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता है। इस वजह से आरोपियों के नक्सलवादियों से संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी उमेश पहले छह महीने तक नेवी नगर में तैनात था, लेकिन बाद में उसकी पोस्टिंग कोच्चि में कर दी गई थी। प्रारंभिक पूछताछ में उमेश ने कबूल किया कि उसने अपने भाई के साथ मिलकर किसी को मारने की योजना बनाई थी। हालांकि पुलिस इस दावे को संदेह की नजर से देख रही है और हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार उमेश के कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं। गांव के लोगों से पूछताछ और बैकग्राउंड की जांच भी की जा रही है। इस मामले में सीबीआई, एनआईए और महाराष्ट्र एटीएस की टीम भी शामिल हो गई है।

पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज ने बड़ा सुराग दिया। इसमें करीब 30 वर्षीय आरोपी शनिवार शाम 7:20 बजे पहचान पत्र दिखाकर नेवी नगर के गेट से अंदर जाते हुए दिखाई दिया। अंदर जाकर उसने हथियार और गोला-बारूद दीवार के बाहर फेंक दिया, जहां उसका भाई इंतजार कर रहा था। इसके बाद दोनों राइफल और कारतूस लेकर फरार हो गए। सौभाग्य से हथियार फेंकते समय कोई विस्फोट नहीं हुआ, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

आरोपियों को पकड़ने के लिए मुंबई पुलिस ने 10 टीमें बनाई थीं। एनआईए और एटीएस ने भी इस मिशन में सहयोग किया। आखिरकार दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके पास से चोरी हुई इंसास राइफल और कारतूस बरामद कर लिए गए।

इस सनसनीखेज घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या आरोपियों का नक्सली संगठनों से सीधा संबंध है या नहीं।

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