Engineering Admission Fraud: नामी शिक्षण संस्थानों में इंजीनियरिंग में दाखिला दिलाने के नाम पर अभिभावकों से लाखों रुपये ठगने वाले गिरोह का पवई पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 1 करोड़ 35 लाख 27 हजार रुपये का मुद्देमाल जब्त किया है। गिरोह वर्ष 2019 से फर्जी कॉल सेंटर के जरिए एडमिशन के नाम पर लोगों को निशाना बना रहा था। पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावडे ने बताया कि मामला तब सामने आया जब आईआईटी पवई क्षेत्र में रहने वाली 47 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए संपर्क करने वाले गौतम और सुमित नामक आरोपियों ने आईआईटी हैदराबाद में बेटे का एडमिशन कराने का झांसा देकर 16.50 लाख रुपये ऐंठ लिए।
शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने 17 जुलाई 2026 को मामला दर्ज किया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम से आरोपियों ने पांच मोबाइल खरीदे थे। मोबाइल के तकनीकी लोकेशन और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने 14 अगस्त को पुणे के विमाननगर स्थित निऑन होम्स में छापा मारकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यहां से मोबाइल, सिम कार्ड और एडमिशन संबंधी दस्तावेज बरामद हुए।
निऑन होम्स से 5 मोबाइल, 18 सिम कार्ड, कॉलेज व शिक्षण संस्थानों के नाम और मोबाइल नंबर वाले दस्तावेज तथा दो कारें जब्त की गई।
वहीं खराड़ी स्थित सिटी विस्टा बिल्डिंग के दूसरे कॉल सेंटर से 4 मोबाइल, 2 हार्ड डिस्क, लैपटॉप, जियोबुक, 7 डेबिट कार्ड और 5 सिम कार्ड बरामद किए गए आरोपियों की तलाशी में 13 मोबाइल भी मिले।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से कुल 22 मोबाइल, 23 सिम कार्ड, एक एचपी लैपटॉप, 7 डेबिट कार्ड, एक जियोबुक और दो कारे बरामद हुई है। बैंक खातों में जमा करीब 24 लाख रुपये भी फ्रीज किए गए है।
कुल जब्त मुद्देमाल की कीमत करीब 1.35 करोड़ रुपये बताई गई है। गिरोह इंजीनियरिंग एडमिशन के सीजन में इंस्टाग्राम विज्ञापनों के जरिए विद्यार्थियों और अभिभावकों से संपर्क करता था। बाद में फर्जी सिम और व्हाट्सऐप के जरिए बातचीत कर संबंधित कॉलेज की जानकारी हासिल की जाती थी।
आरोपी कॉलेज के आसपास अभिभावकों से मिलकर संस्थान के अधिकारियों से पहचान होने का झांसा देते थे और टोकन मनी, एडवांस या प्रथम वर्ष की फीस के नाम पर रकम लेते थे। पुलिस जांच में मुंबई में 2, नागपुर में 1, उत्तर प्रदेश में 2। कर्नाटक में 1 और गुजरात में 1 कुल 6 अन्य मामले सामने आए हैं।
आरोपियों के पास से करीब 30 मोबाइल नंबरों की सूची और कई नामी कॉलेजों से संबंधित सामग्री भी मिली है। पुलिस को आने वाले दिनों में और मामलों के खुलासे की संभावना है। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 20 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।