सत्ताधारी ही सुरक्षित नहीं आम जनता का क्या होगा? बाबा सिद्दीकी की हत्या पर महाराष्ट्र में गरमाई सियासत

बाबा की हत्या के बाद विपक्षी महाविकास आघाड़ी के नेता महायुति सरकार पर आक्रामक हो गए हैं। विपक्षी नेताओं का सवाल है कि जब राज्य में सत्तारूढ़ दल के लोग ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता का क्या होगा?
सत्ताधारी ही सुरक्षित नहीं आम जनता का क्या होगा? बाबा सिद्दीकी की हत्या पर महाराष्ट्र में गरमाई सियासत
नाना पटोले, देवेंद्र फडणवीस व उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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मुंबई: चुनाव आयोग ने 26 नवंबर से पहले महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन का वादा किया है। ऐसे में महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की कभी भी घोषणा हो सकती है। ऐसी संभावनाओं को बीच चुनावी तैयारियों में जुटे राज्य के सियासी दलों को सत्तारूढ़ महायुति को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने का बड़ा मौका मिल गया है। पूर्व मंत्री तथा अजित पवार की एनसीपी के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या इसकी वजह है। बाबा की हत्या के बाद विपक्षी महाविकास आघाड़ी के नेता महायुति सरकार पर आक्रामक हो गए हैं। विपक्षी नेताओं का सवाल है कि जब राज्य में सत्तारूढ़ दल के लोग ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता का क्या होगा?

12 अक्टूबर को बांद्रा-पूर्व स्थित खेरवाड़ी इलाके में पूर्व मंत्री एवं महायुति सरकार में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) के नेता बाबा सिद्दीकी की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाबा को हमलावरों ने बांद्रा-पूर्व में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे स्थित खेरवाड़ी जंक्शन तक जाने वाली मुख्य सड़क पर निशाना बनाया।

शनिवार को नवरात्रि पर्व की समाप्ति के उपलक्ष्य में दुर्गा माता की मूर्तियों के विसर्जन के जुलूस उसी मार्ग से निकल रहे थे। इन सबके बावजूद दुस्साहसी हमलावरों ने घात लगाकर बाबा को गोलियों से छलनी कर दिया। हालांकि इस घटना को अंजाम देने वाले दो हमलावरों को पुलिस ने उसी वक्त मौके से गिरफ्तार कर लिया था। राजनीति से जुड़े लोगों की हत्याओं के कारण विधानसभा चुनाव से पहले राज्य का सियासी पारा गरमाने लगा है।

नहीं थम रहा सियासी हत्याओं का दौर

मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) के नेता अभिषेक घोसालकर की हत्या के बाद से शुरू हुआ सियासी हत्याओं का दौर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अभिषेक घोसालकर के बाद अजित पवार की पार्टी एनसीपी के भायखला तहसील के अध्यक्ष सचिन कुर्मी की बीते सप्ताह 6 अक्टूबर को चाकू से वार कर हत्या कर दी गई थी।

यह मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि तभी बाबा सिद्दीकी की नृशंसता पूर्वक हत्या कर दी गई। इन घटनाओं के कारण महाराष्ट्र के सियासी लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग पुलिस और सरकार के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे हैं।

सिस्टम क्या कर रहा है?

पूर्व मुख्यमंत्री व शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बाबा सिद्दीकी की हत्या होने तक सिस्टम क्या कर रहा था? फडणवीस सरकार के दौरान नाना पटोले का फोन टैप किया गया, बीजेपी की सरकार ने विपक्ष पर तो ध्यान दिया लेकिन अपराधियों पर नहीं? ईडी, सीबीआई सिर्फ विपक्ष के लिए है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र की राजधानी में हत्या हो रही है, महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है, प्रदेश में कानून कहां है? अभिषेक घोसालकर की हत्या के समय फडणवीस ने कहा था कि अगर कुत्ते भी गाड़ी के नीचे आ जाएं तो विपक्ष गृह मंत्री का इस्तीफा मांगेगा।

कानून का डर नहीं रहा

महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि राज्य में पुलिस का कोई डर नहीं बचा है। क्या सरकार अपराधियों को प्रोत्साहन दे रही है? राज्य में सिर्फ हत्याओं की जांच की जरूरत नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी स्वीकार कर अपने पद से हटने की भी जरूरत है।

महाराष्ट्र में कौन सुरक्षित है?

महाराष्ट्र विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, आम लोग सुरक्षित नहीं हैं, इतना ही नहीं सत्ताधारी दल के विधायक और नेता भी सुरक्षित नहीं हैं। महाराष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षा के लिए कौन जिम्मेदार है? राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी किसकी है? हमारी मांग है कि गृह मंत्री को तुरंत जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए,

गुनहगारों को बख्शा नहीं जाएगा

इधर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बाबा सिद्दीकी की हत्या की खबर को बेहद दुखद एवं झकझोरने वाली है। उन्होंने कहा कि पुलिस घटना की गहनता से जांच कर रही है। इस घटना के दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कोई भी हों। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कुछ सुराग मिले हैं लेकिन मैं अभी उनका खुलासा नहीं कर सकता। हमले के पीछे कुछ पहलू भी मिले हैं लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस इस बारे में जानकारी देगी। दुखद यह है कि इस तरह की गंभीर घटना के बाद भी शरद पवार की नजर सिर्फ सत्ता पर है जबकि हमारी नजर महाराष्ट्र और उसके विकास व सुरक्षा पर है।

मालाड में मनसे कार्यकर्ता की हत्या

बांद्रा में पूर्व मंत्री की हत्या की घटना के दौरान ही मालाड से एक और सियासी व्यक्ति की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मालाड-पूर्व के दिडोशी क्षेत्र निवासी मनसे कार्यकर्ता आकाश माईन को कुछ ऑटो रिक्शाचालकों एवं फेरी वालों ने कट मारने के कारण हुई बहस के बाद पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त 27 वर्षीय आकाश दशहरे के उपलक्ष्य में नई गाड़ी खरीदने मालाड स्टेशन के पास गया था। दिंडोशी पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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