

मुंबई: पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकवादी ठिकानों को ढेर किया था। इस हमले में केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था, नाकि किसी सैन्य या सिविल इलाके को। हालांकि, इस हमले के बाद पाकिस्तान ने बीते दिन भारत के जम्मू-कश्मीर, कुपवाड़ा समेत 15 जगहों को निशाना बनाते हुए हमला किया।
पाकिस्तान की इस हरकत के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच हमलों का सिलसिला शुरू हो गया है। भारत सरकार ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारतीय सेना को पूरी छूट दे रखी है और सेना के हर फैसले का पूरी तरह से समर्थन किया है। भारत सरकार के इस फैसले पर और पाकिस्तान के खिलाफ जारी हमले पर संजय राउत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और सरकार को अपना राष्ट्रीय धर्म निभाने की बात कही है।
सर्वदलीय बैठक पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, "युद्ध के समय हमें सरकार और भारतीय सशस्त्र बलों का समर्थन करना चाहिए क्योंकि युद्ध के मैदान में सरकार नहीं बल्कि हमारे भारतीय सशस्त्र बल हैं। पूरे देश को उनका समर्थन करना चाहिए, यह हमारी जिम्मेदारी और राष्ट्रीय कर्तव्य है।"
संजय राउत ने कहा "युद्ध के माहौल में सरकार को समर्थन करना ही चाहिए। भारतीय सेना को पूरी तरह से समर्थन देना चाहिए। क्योंकि जंग के मैदान में सरकार नहीं है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं है। हमारी सेना है, हमारी नेवी, एयरफोर्स, आर्मी है। लोग शहीद हो रहे है। हमारे भारत के जवान दिनेश यादव वह शहीद हो गए है। उनके लिए पूरा देश समर्थन में खड़ा रहना चाहिए। ये हमारी जिम्मेदारी है और यहीं हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है।"
बताते चलें, कि पाकिस्तानी सेना ने अवंतीपुरा, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज को निशाना बनाने का प्रयास किया। पाकिस्तान ने यह कोशिश ऐसे समय की है जब बुधवार को भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे। तो वहीं रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारत ने अपनी आतंकवाद विरोधी प्रतिक्रिया को केंद्रित, नपी-तुली और बिना उकसावे वाली बताया तथा कहा कि इसमें पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना नहीं बनाया गया।