मुंबई के ओशिवारा में 12वीं की छात्रा से फेसबुक पर ठगी, 100 गुना मुनाफे का लालच देकर गंवाए 74 हजार रुपये

Mumbai Cyber Fraud: मुंबई के ओशिवारा में 12वीं की छात्रा को फेसबुक पर 100 गुना मुनाफे का झांसा देकर 74 हजार रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन राजस्थान में ट्रेस की है।
A 12th-grade student in Mumbai's Oshiwara was duped on Facebook
साइबर धोखाधड़ी , प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Mumbai Oshivara Student Cyber Fraud Investment Scam: ओशिवारा में रहने वाली 17 वर्षीय स्कूली छात्रा को फेसबुक पर निवेश के जरिए 100 गुना मुनाफे का लालच देकर ₹74 हजार की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता 12वीं कक्षा में पढ़ती है। 12 जुलाई को फेसबुक पर ‘विजार्ड ट्रेडर्स’ का विज्ञापन देखने के बाद वह कथित तौर पर जालसाजों के संपर्क में आई।

विज्ञापन में महज ₹99 के निवेश पर ₹9,999 देने का दावा किया गया था। मुनाफे के लालच में छात्रा ने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक किया। इसके बाद वह व्हाट्सऐप चैट पर पहुंची, जहां कथित तौर पर ठगों ने उसे निवेश के नाम पर पैसे भेजने के निर्देश दिए।

रातभर में किए 22 UPI ट्रांजैक्शन

पुलिस के अनुसार, ठगों के निर्देश पर छात्रा ने पहले अपने मोबाइल फोन से और बाद में अपनी सो रही मां के फोन का इस्तेमाल करते हुए अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए। इस तरह रातभर में कुल 22 UPI ट्रांजैक्शन किए गए।

हालांकि, निवेश के बदले कोई रिटर्न नहीं मिला। इसके बाद छात्रा को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उसने परिवार को पूरी घटना की जानकारी दी।

1930 हेल्पलाइन पर की शिकायत

परिवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ओशिवारा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। डीसीपी पुरुषोत्तम कराड और वरिष्ठ निरीक्षक संजय चव्हाण के मार्गदर्शन में साइबर अधिकारी विजय सरदेसाई की टीम ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की।

A 12th-grade student in Mumbai's Oshiwara was duped on Facebook
मुंबई में गणेशोत्सव पर मेट्रो-3 की समयसीमा बढ़ी, अब रात 12 बजे तक चलेगी ट्रेन, 18 इंच की मूर्ति ले जाने की छूट

राजस्थान तक पहुंची पुलिस की जांच

जांच के दौरान पुलिस ने डिजिटल और तकनीकी सुरागों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन राजस्थान में ट्रेस की है। पुलिस अब ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सऐप चैट और डिजिटल लेनदेन से जुड़े अन्य सुरागों की जांच कर रही है।

यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे फर्जी निवेश विज्ञापनों के खतरे को भी सामने लाता है। बेहद कम रकम लगाकर असामान्य रूप से बड़ा मुनाफा देने का दावा साइबर ठगी का संकेत हो सकता है। ऐसे किसी भी विज्ञापन या लिंक पर भरोसा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com