प्याज की कीमतें छुएगी आसमान! बारिश से फसलों का हुआ भारी नुकसान, मुआवजे की उठी मांग

Maharashtra News: महाराष्ट्र में समय से पहले मानसून के दस्तक देने से किसानों को बड़ी मार झेलनी पड़ी है। भारी बारिश के कारण प्याज की फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। इसका असर प्याज की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।
महाराष्ट्र में समय से पहले मानसून के दस्तक देने से किसानों को बड़ी मार झेलनी पड़ी है। भारी बारिश के कारण प्याज की फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। इसका असर प्याज की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।
प्याज मार्केट (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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मुंबई: महाराष्ट्र में समय से पहले बारिश का आगमन हो गया। भारी बारिश के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ। प्याज उगाने वाले किसानों को भी भारी भरकम नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए इस बार प्याज की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। किसानों को हुए नुकसान के लिए सरकार से मुआवजे की भी मांग की गई है। महाराष्ट्र में प्याज उत्पादकों के एक संगठन ने पिछले महीने राज्य में भारी बारिश के कारण किसानों को हुए फसल नुकसान के लिए एक लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा मांगा है।

महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक राज्य है। महाराष्ट्र राज्य कांदा उत्पादक संगठन ने 29 मई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) द्वारा ‘पारदर्शी' प्याज खरीद सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है। महाराष्ट्र में मई में अभूतपूर्व बारिश हुई है।

सीएम को लिखा पत्र

पत्र में कहा गया है कि जलगांव, धुले, नासिक, अहिल्यानगर, छत्रपति संभाजीनगर, पुणे, सोलापुर, बीड, धाराशिव, सांगली, बुलढाणा, अकोला, परभणी और जालना जैसे प्याज उत्पादक जिले बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत दिघोले और नासिक जिले के प्रमुख जयदीप भदाने की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि छह मई से भारी बारिश के कारण पूरे राज्य में प्याज की फसल को काफी नुकसान हुआ है। ‘शिंदे का भ्रष्टाचार है टेंडर-ब्लंडर’, आदित्य ठाकरे ने मांगा डिप्टी सीएम का इस्तीफा, कांग्रेस ने भी खोला मोर्चा

लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

एसोसिएशन ने कहा कि कई किसानों ने अपनी पूरी रबी सीजन की फसल कटाई से पहले ही गंवा दी है। उन्होंने इस नुकसान की भरपाई के लिए एक लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा मांगा है। एसोसिएशन ने कहा है कि जो प्याज निकाल लिया गया था, लेकिन संग्रहीत नहीं किया जा सका था, वह भी क्षतिग्रस्त हो गया है। संगठन ने ऐसे किसानों के लिए 2,000 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी की मांग की है, जिन्हें अपनी फसल कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

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