

नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे गुट पर शरिया समर्थक होने का आरोप लगाया।
दशहरा सम्मेलन के टीजर में ‘संविधान संरक्षणार्थ’ शब्द पर जताई आपत्ति।
राणे बोले, मुंबई को फ्रांस नहीं बनने देंगे; हिंदुत्ववादी सरकार जरूरी।
Nitesh Rane Statement: शिवाजी पार्क में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के दशहरा सम्मेलन से पहले महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है। सम्मेलन के प्रचार टीजर में इस्तेमाल किए गए ‘संविधान संरक्षणार्थ’ शब्द पर आपत्ति जताते हुए राणे ने ठाकरे गुट पर हिंदुत्व के मुद्दे को लेकर आरोप लगाए। उनके बयान के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।
नितेश राणे ने आरोप लगाया कि दशहरा सम्मेलन के टीजर में इस्तेमाल किए गए ‘संविधान संरक्षणार्थ’ शब्द की जगह ‘शरीया समर्थन में’ लिखा जाना चाहिए था। उन्होंने ठाकरे गुट पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उसकी विचारधारा हिंदुत्व से दूर हो गई है।
राणे ने यह भी आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे देश में शरीया कानून लागू करने और संविधान को कमजोर करने की दिशा में काम करना चाहते हैं। हालांकि, ये राणे के राजनीतिक आरोप हैं।
राणे ने कहा कि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे शिवाजी पार्क के मंच से स्पष्ट रूप से हिंदुत्व की बात रखते थे। उनके मुताबिक, मौजूदा उद्धव ठाकरे गुट की भूमिका बालासाहेब की विचारधारा से अलग है। उन्होंने सम्मेलन में लगाए जाने वाले नारों को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि वहां ‘जय श्रीराम’ या ‘जय महाराष्ट्र’ के बजाय दूसरे नारे सुनाई दे सकते हैं।
अपने बयान में राणे ने फ्रांस और यूरोप की स्थिति का हवाला दिया। उन्होंने शरणार्थियों से जुड़े मुद्दों, स्थानीय लोगों पर कथित हमलों और आगजनी का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई शहर को फ्रांस जैसी स्थिति में नहीं पहुंचने दिया जाएगा। उन्होंने राज्य और देश में हिंदुत्ववादी सरकार को जरूरी बताया।
नितेश राणे ने चेतावनी दी कि देश या सनातन धर्म के खिलाफ किसी भी गतिविधि पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। उनके बयान से दशहरा सम्मेलन से पहले राजनीतिक माहौल गरमाने के संकेत मिल रहे हैं। अब सम्मेलन में उद्धव ठाकरे के संबोधन और उसमें उठाए जाने वाले मुद्दों पर भी राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।